वॉट्सऐप के प्राइवेसी पर उठिस बड़े सवाल: एलन मस्क और टेलीग्राम के CEO कहिन- ‘इतिहास के सबले बड़े धोखा’
WhatsApp Privacy Fraud : नई दिल्ली। दुनिया के सबले बड़े मैसेजिंग एप ‘वॉट्सऐप’ (WhatsApp) के प्राइवेसी अऊ सुरक्षा ला लेके एक बार फिर हंगामा मच गे हे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक एलन मस्क अऊ टेलीग्राम के CEO पावेल दुरोव ह वॉट्सऐप के सुरक्षा दावा मन ला ‘इतिहास के सबले बड़े फ्रॉड’ बताए हें। ये विवाद अमेरिका मा वॉट्सऐप के खिलाफ दायर एक केस के बाद शुरू होय हे।
दरअसल, अमेरिका के एक अदालत मा याचिका लगाय गे हे कि वॉट्सऐप अपन यूजर्स के प्राइवेट मैसेज मन ला बीच मा पढ़थे। कंपनी ह दावा करथे कि ओकर मैसेज “एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड” (End-to-End Encrypted) रहिथे, जेला भेजने वाला अऊ पाने वाला के अलावा कोनो तीसरा झन नई पढ़ सके। मामला मा आरोप हे कि मेटा (Meta) ह ये मैसेज मन ला ‘एक्सेंचर’ जइसन बाहरी कंपनी मन के संग साझा करत हे।
एलन मस्क ह X (पुराना ट्विटर) मा लिखिस कि, “वॉट्सऐप पर भरोसा नई करे जा सके।” मस्क ह यूजर्स ला X चैट इस्तेमाल करे के सलाह दीस। उहें टेलीग्राम के CEO पावेल दुरोव ह कहिस कि वॉट्सऐप के एन्क्रिप्शन दुनिया के अरबों यूजर्स ला गुमराह करे बर एक बड़े धोखा आय।
ये गंभीर आरोप मन के बाद मेटा कंपनी के बयान घलो आइस हे। मेटा के प्रवक्ता ह कहिन कि, “ये सब आरोप बिल्कुल झूठा अऊ बेकार हें। वॉट्सऐप पिछला 10 साल ले सिग्नल प्रोटोकॉल के इस्तेमाल करत हे। भेजने वाला अऊ पाने वाला के अलावा खुद मेटा घलो यूजर के मैसेज नई पढ़ सके।”
बता दन कि एलन मस्क अऊ मार्क जकरबर्ग के बीच विवाद कोनो नवा बात नई आय। मस्क ह पहिली घलो जकरबर्ग ला ‘केज फाइट’ बर चुनौती दे चुके हे। अब प्राइवेसी ला लेके ये नवा जंग शुरू हो गे हे।
का होथे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन? ये सुरक्षा के एक अइसन तकनीक आय जेमा आपके मैसेज ह एक गुप्त कोड मा बदल जाथे। एला सिर्फ वही मन पढ़ सकथें जेकर बीच बात होवत हे। कोनो हैकर, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर या खुद वॉट्सऐप कंपनी घलो ये संदेश मन ला नई देख सके।

