लोहा के कूलर बढ़िया हे कि प्लास्टिक के? खरीदे के पहिली जान लव ये जरूरी बात
Cooler Guide : घाम अऊ गरमी बढ़ते ही बाजार में कूलर मन के मांग बढ़ गे हे। फेर मनखे मन के मन में सबले बड़े दुविधा ये रहिथे कि लोहा (मेटल) के कूलर खरीदे जाय कि प्लास्टिक (फाइबर) के। दूनों कूलर के अपन-अपन फायदा अऊ नुकसान हे। अगर आप मन घलो नवा कूलर खरीदे के सोचत हो, त ये खबर आप मन बर काम के हे।
1. लोहा के कूलर: मजबूती अऊ दमदार हवा
लोहा के कूलर मन ला हमन ‘देसी कूलर’ घलो कथन्। ये ह कतको साल ले हमर घर मन के पहली पसंद बने हे।
फायदा: लोहा के कूलर में बड़े पंखा अऊ पावरफुल मोटर लगे रहिथे, जेकर ले हवा एकदम कड़ाका के अऊ दूर तक जाथे। बड़े कमरा या खुला ओसारा (बरामदा) बर ये ह सबले बढ़िया हे। एमा पानी के टंकी घलो बड़े रहिथे, जेकर ले बार-बार पानी भरे के झन्झट नई राहय।
नुकसान: एकर सबले बड़े कमी हे ‘जंग’ (Rusting)। अगर हर साल रंग-रोगन नई करबो, त बॉडी ह सड़े लगथे। एकर वजन घलो जादा रहिथे अऊ करंट उतरे के डर बने रहिथे।
2. प्लास्टिक के कूलर: स्टाइल अऊ सुविधा
आजकल ब्रांडेड प्लास्टिक कूलर मन के चलन बहुत बढ़ गे हे। ये ह दिखे में सुंदर अऊ वजन में हल्का रहिथे।
फायदा: एला एक कमरा ले दूसर कमरा में ले जाय बर बहुत आसानी होथे। एमा जंग लगे के कोनो डर नई राहय अऊ बिजली बिल घलो कम आथे। नवा जमाना के प्लास्टिक कूलर में रिमोट अऊ ‘हनीकॉम्ब पैड’ जइसन सुविधा घलो मिलथे।
नुकसान: लोहा के कूलर के तुलना में एकर हवा कम रहिथे। बहुत बड़े कमरा ला ठंडा करे में एला जादा समय लगथे। कड़ाके के घाम में रखे ले एकर प्लास्टिक ह कमजोर हो के चटके लगथे।
ठंडा हवा के मामला में कौन हे आघू?
जानकार मन के कहना हे कि ठंडी हवा सिर्फ बॉडी ऊपर नई, बल्कि कूलिंग पैड अऊ मोटर के स्पीड ऊपर निर्भर करथे।
अगर आप मन ला एकदम ठंडी अऊ तेज हवा चाहिये, त लोहा के कूलर आज घलो सबले बढ़िया हे।
अगर आप मन ला कम आवाज, कम मेंटेनेंस अऊ घर के भीतर रखे बर कूलर चाहिये, त प्लास्टिक के कूलर बढ़िया विकल्प हे।
खरीदे के बखत ये 3 बात के रखव ध्यान:
कमरा के आकार: छोटे कमरा बर पर्सनल (प्लास्टिक) अऊ बड़े हॉल बर डिजर्ट (लोहा) कूलर चुनव।
कूलिंग पैड: हमेशा हनीकॉम्ब पैड वाला कूलर लेव, काबर कि ये ह घास (घास वाले पैड) ले जादा देर तक ठंडा रहिथे।
बिजली के बचत: खरीदे के पहिली ये जरूर देख लव कि कूलर ह कतका बिजली खावत हे, ताकि बिल जादा झन आय।

