TCS के मुखिया ह कहिन: AI ले कंप्यूटर वाले नौकरी नई जाय, बल्कि बढ़ही अवसर
Tech News India : मुंबई। पिछले कुछ दिन ले आईटी के दुनिया में एक ठन बात के बड़े डर रिहिस कि का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंप्यूटर वाले नौकरी मन ला खा जाही? ए बात ला लेके देस के सबले बड़े सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO के. कृतिवासन ह साफ-साफ कह दे हें कि डरे के कोनो बात नई हे।
कृतिवासन के कहना हे कि एआई भारतीय आईटी सेक्टर बर कोनो खतरा नोहे, बल्कि ये ह तरक्की के नवा रद्दा खोलही। ओमन जोर देके कहिन कि हमर देस के कंपनी मन के ताकत सिर्फ कम पइसा में काम करना नोहे, बल्कि इहाँ के लइका मन के हुनर और दिमाग हे। ओमन कहिन कि हर 10 साल में मनखे मन कहिथें कि आईटी के दौर खत्म हो जाही, फेर हर बार ये इंडस्ट्री अऊ जादा मजबूत हो के निकलथे।
एआई ले काम करे के तरीका बदलही, काम नई छूटय जब कृतिवासन ले पूछे गिस कि का 2030 तक आईटी के काम बंद हो जाही? तब ओमन कहिन कि असलियत एकर एकदम उल्टा हे। आज के जुग में एआई अतका तेजी ले बढ़त हे कि कंपनी मन ला ओला अपनाय बर टीसीएस जइसन बड़े कंपनी मन के मदद लेना ही पड़ही। एआई के आय ले काम खत्म नई होवय, बस ओला करे के तरीका बदल जाही। कंपनी के बड़े अधिकारी आरती सुब्रमण्यम ह कहिन कि एआई टूल्स ले काम करे के सक्ति 15% ले 30% तक बढ़ गे हे।
नवा भर्ती अऊ बड़े ऑर्डर्स दुनिया भर में मंदी के बाद घलो टीसीएस ह भविष्य ला लेके भरोसा जताय हे। कंपनी के पास अभी 40.7 अरब डॉलर के बड़े काम (ऑर्डर बुक) हाथ में हे। नौकरी के मामला में घलो राहत के खबर हे; पिछले साल कंपनी ह 44,000 नवा लइका मन ला नौकरी में रखे रिहिस अऊ आने वाला समय बर घलो 25,000 लोगन ला ऑफर दे दे गे हे। एकर मतलब ये हे कि छंटनी के दिन अब लद गे हें अऊ कंपनी फिर ले नवा लोगन ला जोड़े के तैयारी में हे।

