सीजीएमएससी घोटाला: एसीबी-ईओडब्ल्यू ह पेश करिस 3500 पन्ना के चालान, सरकार ला 550 करोड़ के चूना लगाय के आरोप
CGMSC Scam : रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) म होय बड़े घोटाला ला लेके एसीबी-ईओडब्ल्यू (ACB-EOW) ह कोर्ट म पूरक चालान पेश कर दे हे। ये चालान 4 आरोपी मन के खिलाफ हे, जेकर आकार 3500 पन्ना ले घलो जादा हे। ए मामला म सरकार ला लगभग 550 करोड़ रुपया के आर्थिक नुकसान पहुंचाय के बात आगू आय हे।
कउन-कउन आरोपी मन ऊपर गिरिस गाज?
एसीबी ह जिन 4 आरोपी मन के खिलाफ चालान पेश करे हे, ओ मन अभी रायपुर के सेंट्रल जेल म बंद हें। इनकर नाम ए प्रकार हे:
अभिषेक कौशल: डायरेक्टर, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स।
राकेश जैन: प्रोप्राइटर, श्री शारदा इंडस्ट्रीज, रायपुर।
प्रिंस कोचर: लायजनर (रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स)।
कुंजल शर्मा: मार्केटिंग हेड, डायसिस इंडिया, नवी मुंबई।
ए मामला म भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अउ धोखाधड़ी के कई धारा मन के तहत कार्रवाई करे जावत हे।
‘हमर लैब’ योजना म अइसने होइस गड़बड़ी
जांच म पता चले हे कि प्रदेश के गरीब जनता बर ‘हमर लैब’ योजना के तहत मेडिकल सामान अउ मशीन खरीदे म भारी हेराफेरी करे गिस।
फर्जी दस्तावेज: आरोपी मन ह टेंडर पाय बर अपन असली क्षमता ला छुपा के फर्जी कागज तैयार करे रिहिन।
साठगांठ (Cartelization): तीन कंपनी मन आपस म मिल के अइसने टेंडर भरिन कि प्रतिस्पर्धा (Competition) खतम हो जाय अउ मनचाहा दर म काम मिल जाय।
महंगा रेट: सबले बड़े गड़बड़ी रेट म होइस। डायसिस कंपनी के सामान मन ला ओकर असली एमआरपी (MRP) ले तीन गुना जादा दाम म सरकार ला बेचे गिस। ए षड्यंत्र म कुंजल शर्मा अउ शशांक चोपड़ा के हाथ होना बताय गे हे।
550 करोड़ के आर्थिक क्षति अउ जांच जारी
एसीबी के कहना हे कि ये मनमानी रेट के सेती सरकार ला 550 करोड़ रुपया के फटका लगे हे। ए मामला म अब तक कुल 10 आरोपी मन के खिलाफ चालान पेश करे जा चुके हे। जांच एजेंसी ह साफ करे हे कि ‘हमर लैब’ जइसन जनहित के योजना म भ्रष्टाचार करइया कोनो भी मनखे ला बख्शे नई जाय, अउ आने वाला समय म अउ घलो कड़ा कदम उठाए जाही।