होम › Chhattisgarh › बस्तर की नई कहानी दुनिया तक पहुंचाएंगे दिल्ली के 43 डिजिटल क्रिएटर्स
Chhattisgarh

बस्तर की नई कहानी दुनिया तक पहुंचाएंगे दिल्ली के 43 डिजिटल क्रिएटर्स

WhatsApp Facebook
बस्तर की नई कहानी दुनिया तक पहुंचाएंगे दिल्ली के 43 डिजिटल क्रिएटर्स

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

रायपुर। बस्तर की पहचान अब केवल नक्सलवाद और हिंसा की खबरों तक सीमित नहीं रह गई है। क्षेत्र में शांति, विकास, पर्यटन, संस्कृति और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर सामने आ रही है। इसी बदलते बस्तर को करीब से देखने और समझने के लिए दिल्ली से पहुंचे 43 इंफ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स ने क्षेत्र का भ्रमण किया।

 

बस्तर भ्रमण के दौरान दिल्ली से आए इंफ्लुएंसर्स नेतानार स्थित शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा पहुंचे। यहां उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित सिलाई-कढ़ाई और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को करीब से देखा। प्रशिक्षण केंद्र में महिलाओं को अपने हुनर को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

IMG-20260929-WA0043-300x241 बस्तर की नई कहानी दुनिया तक पहुंचाएंगे दिल्ली के 43 डिजिटल क्रिएटर्स

नेतानार में सिलाई मशीनों की आवाज और प्रशिक्षण लेती महिलाओं ने इंफ्लुएंसर्स को बस्तर के बदलते सामाजिक परिवेश की एक अलग तस्वीर दिखाई। यहां संघर्ष और भय की पुरानी छवि के बजाय हुनर, रोजगार, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद नजर आई।

 

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

 

नेतानार में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई सहित विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

 

भ्रमण के दौरान इंफ्लुएंसर्स ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से संवाद किया और उनके अनुभवों को जाना। महिलाओं ने प्रशिक्षण के माध्यम से मिले अवसरों और स्वरोजगार की दिशा में बढ़ते कदमों के बारे में जानकारी साझा की।

 

महिलाओं के लिए यह पहल केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत बनने और अपने पैरों पर खड़े होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई। इंफ्लुएंसर्स ने महिलाओं के हुनर और उनके आत्मविश्वास को बस्तर में हो रहे सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण हिस्सा माना।

 

शहीद वीर गुंडाधुर की विरासत से भी हुए परिचित

 

नेतानार पहुंचे 43 इंफ्लुएंसर्स ने बस्तर के वर्तमान के साथ-साथ उसके इतिहास और गौरवशाली विरासत को भी समझा। उन्होंने शहीद वीर गुंडाधुर के जीवन, उनके योगदान और बस्तर के इतिहास में उनके महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की।

 

ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान विकास की यह तस्वीर इंफ्लुएंसर्स के लिए बस्तर को समझने का अलग अनुभव रही। नेतानार एक ओर जहां बस्तर के इतिहास और जननायकों की स्मृतियों को संजोए हुए है, वहीं दूसरी ओर यहां महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की गतिविधियां वर्तमान समय में हो रहे बदलाव को दर्शाती हैं।

 

पुरानी छवि से आगे बढ़ रहा बस्तर

 

दिल्ली से आए डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बस्तर का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने क्षेत्र को केवल खबरों और सुनी-सुनाई बातों के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन पर पहुंचकर देखा।

 

भ्रमण के दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद किया और बस्तर के बदलते जनजीवन को करीब से समझा। महिलाओं की स्वरोजगार गतिविधियों के अलावा क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय संस्कृति और सामाजिक बदलाव ने इंफ्लुएंसर्स को बस्तर की बहुआयामी तस्वीर से परिचित कराया।

 

बस्तर की कहानी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंचेगी

 

दिल्ली से आए 43 इंफ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स अपने अनुभवों को सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाएंगे। उनके कंटेंट में बस्तर के पर्यटन स्थलों के साथ स्थानीय संस्कृति, इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य, लोगों के जीवन और बदलते सामाजिक परिवेश की झलक देखने को मिल सकती है।

 

डिजिटल दौर में किसी क्षेत्र की पहचान बनाने में सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बस्तर का प्रत्यक्ष अनुभव देश के उन लोगों तक पहुंचाने में मदद कर सकता है, जिन्होंने अब तक इस क्षेत्र को मुख्य रूप से नक्सलवाद और हिंसा से जुड़ी खबरों के माध्यम से जाना है।

 

शांति, संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता बन रही नई पहचान

 

बस्तर की कहानी अब उसके अतीत तक सीमित नहीं है। आदिवासी संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और स्थानीय प्रतिभाओं के साथ यह क्षेत्र विकास की नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहा है। नेतानार में महिलाओं के हाथों में दिखाई देता हुनर इसी बदलाव का मानवीय चेहरा है।

 

दिल्ली के 43 इंफ्लुएंसर्स का बस्तर दौरा इसी बदलते परिवेश को करीब से देखने का अवसर रहा। उनके कैमरों में बस्तर की ऐतिहासिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के साथ महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की कोशिशें भी दर्ज हुईं।

 

नेतानार की सिलाई मशीनों से लेकर बस्तर की सांस्कृतिक विरासत तक, यह पूरा अनुभव क्षेत्र की बदलती पहचान की कहानी कहता है। बस्तर अब शांति, संस्कृति, पर्यटन, विकास और आत्मनिर्भरता की नई तस्वीर के साथ अपनी पहचान को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

The post बस्तर की नई कहानी दुनिया तक पहुंचाएंगे दिल्ली के 43 डिजिटल क्रिएटर्स appeared first on Ekhabri.com.

Source: Ekhabri

Ekhabri
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)