देवेंद्र यादव ला SC ले बड़ झटका, भिलाई चुनाव विवाद मा हाईकोर्ट मा जारी रही ट्रायल
Election Dispute : भिलाई नगर विधानसभा चुनाव विवाद मामला मा कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ला सुप्रीम कोर्ट ले बड़ झटका लगे हवे। सुप्रीम कोर्ट ह देवेंद्र यादव के विशेष अनुमति याचिका (SLP) ला खारिज कर दे हवे। एखर बाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट मा चलत निर्वाचन याचिका ऊपर नियमित प्रक्रिया के तहत ट्रायल जारी रही।
हाईकोर्ट के फैसला मा हस्तक्षेप करे ले सुप्रीम कोर्ट के इनकार
भिलाई नगर चुनाव विवाद मा भाजपा के वरिष्ठ नेता अउ पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय ला सुप्रीम कोर्ट ले बड़ राहत मिली हवे। देवेंद्र यादव ह छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के 30 जून 2026 के आदेश ला चुनौती देवत सुप्रीम कोर्ट मा याचिका लगाए रीहिस, फेर सुप्रीम कोर्ट के पीठ ह हाईकोर्ट के फैसला मा हस्तक्षेप करे ले साफ इनकार कर दीस। एखर मतलब ये हवे कि अब ये पूरा मामला के सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट मा ही चलही अउ दोनों पक्ष अपन-अपन सबूत पेश करही।
का हवे पूरा चुनाव विवाद?
यह पूरा विवाद साल 2023 के भिलाई नगर विधानसभा चुनाव के नतीजा ले जुड़ा हवे। भाजपा नेता प्रेम प्रकाश पांडेय ह साल 2024 मा हाईकोर्ट मा एक निर्वाचन याचिका दायर करे रीहिस। एमा आरोप लगाए गे हवे कि देवेंद्र यादव ह नामांकन भरत बखत अपन शपथ पत्र मा जरूरी जानकारी मन ला सही तरीका ले नइ बताय रीहिस। याचिका मा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत भ्रष्ट आचरण के घलो आरोप लगाए गे हवे अउ देवेंद्र यादव के निर्वाचन ला रद्द करे के मांग करे गे हवे।
देवेंद्र यादव के मांग ला हाईकोर्ट ह पहली ही कर दे रीहिस खारिज
मामला के सुनवाई के दौरान देवेंद्र यादव ह हाईकोर्ट मा आवेदन लगा के मांग करे रीहिस कि नामांकन शपथ पत्र मा जानकारी छुपाए अउ धारा 83 ले जुड़े कानूनी मुद्दा मन ला शुरुआती स्तर मा ही तय कर दे जाय। फेर हाईकोर्ट ह एला खारिज करत कहे रीहिस कि एमा केवल कानूनी सवाल नइ हवे, बल्कि तथ्य मन के घलो जांच जरूरी हवे, जेखर फैसला सबूत अउ ट्रायल के बाद ही हो सकही।
दू पइत खारिज हो चुकी हवे SLP
भिलाई नगर चुनाव विवाद मा यह पहली पइत नइ हवे, बल्कि दूसरी पइत देवेंद्र यादव के SLP सुप्रीम कोर्ट मा खारिज होई हवे। एखर ले पहली घलो हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ दायर याचिका ला सुप्रीम कोर्ट ह स्वीकार नइ करे रीहिस। सुप्रीम कोर्ट के ए फैसला ले विधायक देवेंद्र यादव ला फिलहाल कोनो राहत नइ मिलीस अउ अब सबो के नजर हाईकोर्ट मा होए वाला ट्रायल ऊपर टिके हवे।



