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नक्सलवाद के बाद बस्तर में विकास की नई रफ्तार, निवेश और रोजगार को मिला नया विस्तार

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नक्सलवाद के बाद बस्तर में विकास की नई रफ्तार, निवेश और रोजगार को मिला नया विस्तार

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रायपुर। लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति, विश्वास और विकास का नया दौर देखने को मिल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और आजीविका के क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता बस्तर की प्राकृतिक संपदा, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन की संभावनाओं को विकास से जोड़कर लोगों के जीवन में स्थायी बदलाव लाना है।

 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह बात मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में पत्र सूचना कार्यालय, चेन्नई के निदेशक पी. अरुण कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए चेन्नई के पत्रकारों के दल से चर्चा के दौरान कही। इस दौरान राज्य के विकास की बदलती तस्वीर, नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में तेज हुई विकास गतिविधियों, नई औद्योगिक नीति, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के विस्तार पर चर्चा हुई।

 

## चार दशकों की चुनौती के बाद बस्तर में विकास की नई शुरुआत

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग चार दशकों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास को गंभीर रूप से प्रभावित किया। दुर्गम क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है।

 

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय लोगों के बढ़ते विश्वास से बस्तर अब तेजी से शांति और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जिन क्षेत्रों में कभी शासन की पहुंच कठिन थी, वहां अब विकास योजनाओं का विस्तार किया जा रहा है।

 

## ‘नियद नेल्लानार’ से गांवों तक पहुंच रही सुविधाएं

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरक्षा कैंपों के आसपास के गांवों में ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। सड़क और मोबाइल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, राशन, बैंकिंग और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं में भी वृद्धि हुई है।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर में विकास और समृद्धि की मजबूत नींव तैयार करना है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य बेहतर हो सके।

 

## पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर सरकार का जोर

 

बस्तर पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण संभावनाएं रखता है। क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, वन संपदा, जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति स्थापित होने के साथ पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि बस्तर की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिले और पर्यटन के माध्यम से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर बढ़ें।

 

## नई औद्योगिक नीति से निवेश और रोजगार को बढ़ावा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन और कृषि संपदा से समृद्ध होने के साथ ऊर्जा के क्षेत्र में भी मजबूत स्थिति रखता है। राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में रोजगार सृजन, स्थानीय संसाधनों के मूल्य संवर्धन तथा नए और उभरते क्षेत्रों के उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है।

 

सरल प्रक्रियाओं और उद्योग अनुकूल वातावरण के कारण देश और विदेश के निवेशकों का छत्तीसगढ़ के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। राज्य अब केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं विकसित कर रहा है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्याप्त विद्युत उपलब्धता, मजबूत अधोसंरचना, देश के मध्य में भौगोलिक स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी छत्तीसगढ़ को निवेश के लिए अनुकूल बनाती है। सरकार का विशेष जोर ऐसे निवेश पर है, जिनसे प्रदेश के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा हों।

 

## रायपुर और नवा रायपुर बन रहे एजुकेशन हब

 

शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और नवा रायपुर देश के महत्वपूर्ण एजुकेशन हब के रूप में विकसित हो रहे हैं। उच्च और तकनीकी शिक्षा से जुड़े संस्थानों के विस्तार से प्रदेश के विद्यार्थियों को अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार पर भी लगातार काम कर रही है। दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

 

सरकार की प्राथमिकता है कि विकास का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे व्यक्ति तक पहुंचे।

 

## चेन्नई के पत्रकारों को भेंट किया कोसा फैब का शॉल

 

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों को छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध कोसा फैब के शॉल भेंट कर सम्मानित किया। पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को तमिलनाडु के प्रसिद्ध महाबलीपुरम मंदिर की प्रतिकृति स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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Source: Ekhabri

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Ekhabri
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