रामगढ़ में मितानिनों से मंत्री राजेश अग्रवाल ने किया आत्मीय संवाद
रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में मितानिन बहनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वे स्वास्थ्य तंत्र और ग्रामीण समुदाय के बीच मजबूत कड़ी के रूप में काम करते हुए लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। यह बात पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कही।
विधानसभा अंबिकापुर अंतर्गत विकासखंड उदयपुर के रामगढ़ में मंत्री राजेश अग्रवाल ने मितानिन बहनों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मितानिनों से आत्मीय चर्चा कर उनके कार्यों, अनुभवों, समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मितानिनों के योगदान की सराहना की।
मितानिनों की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने में मितानिन बहनें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे गांव-गांव में लोगों के साथ सीधे संपर्क में रहती हैं और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर समुदाय के बीच जागरूकता फैलाने का कार्य करती हैं।
उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर सक्रिय मितानिनों के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने में मदद मिल रही है। उनका निरंतर जनसंपर्क ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मंत्री ने सुनी समस्याएं और आवश्यकताएं
रामगढ़ में आयोजित संवाद के दौरान मंत्री अग्रवाल ने मितानिन बहनों से सीधे बातचीत की और उनके कार्यों से जुड़े अनुभवों को जाना। उन्होंने उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े उनके अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर कार्य करने वाली मितानिन बहनों के अनुभव और सुझाव महत्वपूर्ण हैं। उनके साथ सीधे संवाद से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति, चुनौतियों और आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलता है।
सेवा और समर्पण की सराहना
राजेश अग्रवाल ने मितानिन बहनों के सेवा भाव और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि वे कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रामीण समुदाय के साथ निरंतर जुड़ी रहती हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका जमीनी योगदान और लोगों के प्रति सेवाभाव सराहनीय है।
उन्होंने कहा कि मितानिनों का कार्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वे ग्रामीण परिवारों के बीच विश्वास, जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। स्वस्थ और जागरूक छत्तीसगढ़ के निर्माण में मितानिन बहनों की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।
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Source: Ekhabri


