छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले, अतिथि व्याख्याताओं और पूर्व अग्निवीरों को लाभ
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 30 सितंबर 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति से लेकर पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण और फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में लागू अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में प्रशासकीय अनुमोदन के बाद जारी संशोधित नीति-2026 का कार्योत्तर अनुमोदन किया। संशोधित नीति में पूर्व की व्यवस्था को अधिक स्पष्ट किया गया है। इसके तहत मेरिट सूची में एक ही श्रेणी के दो अभ्यर्थियों के अंक समान होने पर छत्तीसगढ़ के मूल निवासी अभ्यर्थी को वरीयता दी जाएगी।
संशोधित नीति में अनुभव के आधार पर मिलने वाले अधिकतम 30 अंकों की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। अब शासकीय महाविद्यालय के साथ राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान न्यूनतम पांच माह अध्यापन कार्य पूरा करने वाले अभ्यर्थी को पांच अंक दिए जाएंगे। पूर्व की नीति में राजकीय विश्वविद्यालय में प्राप्त अध्यापन अनुभव के लिए यह लाभ स्पष्ट रूप से निर्धारित नहीं था।
कैबिनेट ने शासकीय महाविद्यालयों के साथ राजकीय विश्वविद्यालयों के विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को उनके पूर्व कार्यानुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर देने का भी निर्णय लिया है। इसके साथ ही मानदेय निर्धारण में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए कालखंड आधारित व्यवस्था के स्थान पर कार्य-दिवस आधारित मानदेय व्यवस्था लागू की जाएगी।
अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक अमले के कार्य-दायित्व, कार्य-अवधि और आकस्मिक अवकाश से संबंधित प्रावधानों को भी संशोधित नीति में स्पष्ट किया गया है। माना जा रहा है कि इन बदलावों से अतिथि शैक्षणिक अमले की नियुक्ति और मानदेय व्यवस्था में अधिक स्पष्टता आएगी।
मंत्रिपरिषद ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री किए जाने के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। मुख्यमंत्री द्वारा 10 सितंबर 2026 को फिल्म को टैक्स फ्री करने की घोषणा के अनुपालन में सिनेमाघरों को फिल्म के प्रदर्शन पर प्रवेश के लिए देय राज्य माल और सेवा कर यानी SGST के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी। इस संबंध में वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी आदेश का मंत्रिपरिषद ने अनुसमर्थन किया।
पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए भी कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। राज्य में पूर्व अग्निवीर सैनिकों को सिविल सेवाओं के तृतीय श्रेणी पदों पर 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। इसके तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
इस आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम, 2026 तैयार किए गए हैं। मंत्रिपरिषद ने इन भर्ती नियमों को मंजूरी दे दी है। नियमों में पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति एवं सेवा शर्तों, भर्ती के मापदंड, आरक्षण व्यवस्था और चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रावधान निर्धारित किए गए हैं।
कैबिनेट के इन फैसलों से एक ओर अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति, अनुभव और मानदेय व्यवस्था में बदलाव का रास्ता साफ हुआ है, वहीं दूसरी ओर पूर्व अग्निवीर सैनिकों को राज्य की तृतीय श्रेणी की नौकरियों में आरक्षण का लाभ देने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया है।
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Source: Ekhabri


