छत्तीसगढ़ मा डाक्टर मन के कमी दूर करे बर बड़े तैयारी: अब अतका साल मा रिटायर होही मेडिकल कॉलेज के डाक्टर!
CG Medical College Doctors Retirement Age : रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज मन मा लंबे समय ले चलत डाक्टर और फैकल्टी के कमी ला दूर करे बर राज्य सरकार बड़ कदम उठाए बर जात हे। प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज मन मा पदस्थ डाक्टर मन के सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के उमर 65 साल ले बढ़ा के 68 साल करे बर गंभीरता ले विचार करे जात हे। स्वास्थ्य विभाग अउ चिकित्सा शिक्षा संचालनालय मा ए प्रस्ताव ला लेके मंथन जारी हे, उहें कानूनी अड़चन ले बचे बर कानून विशेषज्ञ मन ले घलो सलाह ले जावत हे।
विशेषज्ञ मन के मानना हे कि ए फैसला ले नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मान्यता बनाए रखे मा अउ स्नातकोत्तर (PG) के सीट बढ़ाए मा बड़ मदद मिलही।
आवइया 3 साल मा रिटायर होए वाले हवयं 60 ले जादा सीनियर डाक्टर
राज्य के 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज मन मा प्रशासनिक अउ पढ़ाई-लिखाई के व्यवस्था बनाए रखे बर ए फैसला बेहद जरूरी माने जात हे। साल 2027 मा दो प्रमुख डीन—डॉ. केके सहारे अउ डॉ. तृप्ति नागरिया रिटायर होए वाले हवयं। एकर अलावा आवइया तीन साल मा 60 ले जादा सीनियर डाक्टर मन के रिटायरमेंट के समय आवत हे। यदि रिटायरमेंट के उमर तीन साल बढ़ा दिए जाही, त ए अनुभवी डाक्टर मन के सेवा 2030 तक मिल सकही।
सीधा भर्ती ले घलो नइ भर पावत हे पद
लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा निकाले गए 125 असिस्टेंट प्रोफेसर मन के भर्ती मा आधा ले जादा डाक्टर मन ह जॉइनिंग नइ करिन। स्थिति ए हे कि अकेले असिस्टेंट प्रोफेसर के ही 332 पद खाली पड़े हवय। एकर अलावा जगदलपुर अउ बिलासपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल मन ला पीपीपी (PPP) मॉडल मा चलाए के प्रक्रिया के बीच विशेषज्ञ डाक्टर मन के कमी अउ जादा बढ़ गए हे।
मेडिकल कॉलेज मन मा खाली पद मन के स्थिति (मई 2026 तक):
| पद के नाम | स्वीकृत पद | खाली पद | खाली प्रतिशत |
| प्रोफेसर | 241 | 117 | 48.5% |
| एसोसिएट प्रोफेसर | 399 | 196 | 49.1% |
| असिस्टेंट प्रोफेसर | 644 | 332 | 51.6% |
| सीनियर रेसीडेंट | 518 | 375 | 72.3% |
| जूनियर रेसीडेंट | 502 | 209 | 41.6% |
| डेमोंस्ट्रेटर | 302 | 51 | 16.9% |
अधिकारी के बयान:
“मेडिकल कॉलेज मन मा फैकल्टी के कमी ला दूर करे के प्रयास लगातार जारी हे। डाक्टर मन के रिटायरमेंट उमर 68 साल करे के निर्णय पूरा तरह ले राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र मा हे। जरूरत परे मा एकर संबंध मा प्रस्ताव सरकार ला भेजे जाही।”
— डॉ. यू.एस. पैकरा, संचालक (चिकित्सा शिक्षा)



