रिलायंस ने AI की दुनिया में रखा कदम, बनेगी नई सब्सिडियरी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’
आज की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तेजी से बदलते तकनीकी दौर का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी क्रम में भारत की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी एआई की रेस में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है। हाल ही में हुई रिलायंस की एजीएम (Annual General Meeting) में कंपनी ने अपनी नई सब्सिडियरी रिलायंस इंटेलिजेंस के गठन की घोषणा की। इस नई सब्सिडियरी का मुख्य फोकस भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास और उसके उपयोग पर रहेगा।
कंपनी का कहना है कि वे गीगावॉट स्केल पर एआई-रेडी डाटा सेंटर तैयार करेंगे, जिनमें ऊर्जा की आपूर्ति पावर क्लीन एनर्जी से की जाएगी। इसका उद्देश्य भारत में एआई के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है, ताकि आने वाले समय में एआई तकनीक का अधिकतम लाभ आम जनता और उद्योगों तक पहुँच सके।
रिलायंस इंटेलिजेंस के माध्यम से कंपनी की योजना बड़े टेक फर्म्स और ओपन-सोर्स कम्युनिटी को एक साझा मंच पर लाने की है। इसके जरिए एआई क्षेत्र में शोध, नवाचार और विकास को एक नई दिशा मिलेगी। खास बात यह है कि रिलायंस, गूगल और मेटा जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ मिलकर इस क्षेत्र में काम करेगी।
इस कदम से साफ है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज भविष्य की तकनीक को समझते हुए भारत को वैश्विक एआई हब बनाने की दिशा में अग्रसर है। यह न केवल भारत की डिजिटल ताकत को और बढ़ाएगा, बल्कि देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर भी ले जाएगा।




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