सरकारी मुफ्त किताब ला छोड़ महंगा पुस्तक खरीदे बर निजी इस्कुल मन के दादागिरी
Private School Book Controversy : छत्तीसगढ़ के सरगुजा (अंबिकापुर) जिला ले एक बड़े खबर आगू आए हे, जहाँ प्राइवेट इस्कुल मन के मनमानी अउ मँहगे किताब बेचे के खेल ऊपर कलेक्टर ह कड़ा रुख अपनाए हे। भाजपा नेता आलोक दुबे ह कलेक्टर ले सिकायत करे रीहिस कि सरगुजा जिला में कतको अइसन प्राइवेट अंग्रेजी मीडियम इस्कुल चलत हें, जेमन ला सरकार डाहर ले सीजी बोर्ड के मान्यता मिले हे। नियम के मुताबिक, ए इस्कुल मन में पहली ले दसवीं क्लास तक के लइका मन बर सरकार डाहर ले मुफत (नि:शुल्क) किताब दे जाथे। अउ ए किताब मन सरकारी डिपो में आ घलो चुके हें।
Private School Book Controversy : परंतु, ए प्राइवेट इस्कुल के संचालक मन सरकारी नियम मन ला ठेंगा देखावत हें अउ मुफत के किताब मन ला छोड़ के निजी प्रकाशक (प्राइवेट पब्लिशर) मन के मँहगे किताब खरीदे बर लइका मन के दाई-ददा (अभिभावक) मन ऊपर जबरन दबाव बनावत हें। इस्कुल वाले मन ह दाई-ददा मन के व्हाट्सएप पर किताब मन के लंबी-चौड़ी लिस्ट भेज देथें अउ अपन सेटिंग वाले दुकान ले ही खरीदे बर मजबूर करथें, ताकि इस्कुल संचालक मन ला दुकान अउ प्रकाशक मन ले मोटा कमीशन मिल सके। ए मनमानी के कारन दाई-ददा मन ऊपर भारी आर्थिक बोझ पड़त हे।
आलोक दुबे ह बताइस कि पहिली क्लास के अंग्रेजी माध्यम के किताब मन के कीमत करीब ₹2000 अउ पांचवीं क्लास के किताब मन बर ₹5000 तक वसूले जावत हे, जबकि ए सबो किताब ला छत्तीसगढ़ सरकार मुफत में बांटत हे। सरकार के साफ निरदेस हे कि मान्यता प्राप्त प्राइवेट इस्कुल मन ला सरकारी मुफत किताब ले ही लइका मन ला पढ़ाना हे।
ए गंभीर सिकायत ला सुनके कलेक्टर ह तुरंते संज्ञान लिस अउ जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश झा ला सबो अइसन प्राइवेट इस्कुल मन के कड़ाई ले जांच करे के आदेस दे दिस। ए घपला के पर्दाफाश करे बर शिक्षा विभाग के तीन अधिकारी मन—एलपी गुप्ता, मीना पुरोहित अउ संजय सिंह के एक ३ सदस्यीय विशेष टीम बनाए गे हे। कलेक्टर ह ए टीम ला साफ निरदेस दे हे कि ओमन ३ दिन के भीतर पूरा मामला के जांच करके अपन रिपोर्ट सउंपें, जेकर बाद दोसी इस्कुल मन ऊपर बड़का कानूनी कार्रवाई करे जाही।



