PDS Report: छत्तीसगढ़ मं 99.8 फीसदी हितग्राही मन ला पूरा राशन, फेर योजना के जानकारी मं कमी
Chhattisgarh PDS : रायपुर। छत्तीसगढ़ के सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS ले राशन बांटे के मामला मं राज्य के प्रदर्शन ला बढ़िया बताए गे हे। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के साल 2025-26 के पहिली चरण के NFSA-PMGKAY Concurrent Evaluation Report मं छत्तीसगढ़ के 99.8 फीसदी हितग्राही मन ला पूरा खाद्यान्न मिले के बात सामने आई हे। हालांकि, योजना के जानकारी के मामला मं राज्य अभी पीछे नजर आवत हे।
- 99.8 फीसदी हितग्राही मन ला मिलत हे पूरा राशन
- PMGKAY के जानकारी मं बड़ी कमी
- 97.5 फीसदी राशन कार्ड मोबाइल ले लिंक
- करीब एक चौथाई राशन दुकान मं प्रिंटेड रसीद नइ मिलत
- जियादातर राशन दुकान मं मध्यम स्तर के व्यवस्था
- दुकानदार मन ला औसतन 9,370 रुपए कमीशन
- दूर-दराज के इलाका मं स्थानीय व्यवस्था के फायदा
- अब राशन के संग जानकारी पहुंचाना जरूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के सिरिफ 20.1 फीसदी हितग्राही मन ला प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना यानी PMGKAY के बारे मं जानकारी हे। मतलब बड़ी संख्या मं ऐसे हितग्राही हवंय, जेन मन ला योजना के तहत मिलत राशन, अपन अधिकार अउ शिकायत करे के तरीका के बारे मं पूरा जानकारी नइ हे।
99.8 फीसदी हितग्राही मन ला मिलत हे पूरा राशन
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ मं 99.8 फीसदी हितग्राही मन ला पूरा खाद्यान्न मिलत हे। ये आंकड़ा बताथे कि राज्य मं राशन के अंतिम छोर तक पहुंचाए के व्यवस्था काफी मजबूत हे।
खासकर आदिवासी इलाका अउ दूर-दराज के क्षेत्र मं राशन पहुंचाना चुनौतीपूर्ण रहिथे। ऐसे मं स्थानीय स्तर पर खरीदी अउ वितरण के व्यवस्था ले खाद्यान्न पहुंचाए मं मदद मिलत हे।
PMGKAY के जानकारी मं बड़ी कमी
राशन पहुंचाए के आंकड़ा भले बढ़िया हे, फेर योजना के जानकारी हितग्राही मन तक पहुंचाए मं कमी नजर आवत हे। रिपोर्ट मं सिरिफ 20.1 फीसदी हितग्राही मन ला PMGKAY के जानकारी होय के बात कही गे हे।
एखर मतलब ये हे कि बहुत से लोग मन ला ये तक जानकारी नइ हे कि उन मन ला कतका राशन मिलना चाही, योजना मं उन मन के अधिकार का हवंय अउ राशन संबंधी दिक्कत होय पर शिकायत कहां करना हे।
97.5 फीसदी राशन कार्ड मोबाइल ले लिंक
डिजिटल व्यवस्था के मामला मं छत्तीसगढ़ के स्थिति बेहतर हे। प्रदेश के 97.5 फीसदी राशन कार्ड मोबाइल नंबर ले लिंक हो चुके हवंय। ये राष्ट्रीय औसत 84.1 फीसदी ले करीब 13 प्रतिशत अंक जियादा हे।
95 फीसदी ले जियादा मोबाइल लिंकिंग वाले राज्य मन मं छत्तीसगढ़ के गिनती बेहतर प्रदर्शन करे वाले राज्य मं होवत हे। हालांकि मोबाइल नंबर लिंक होय के बाद भी डिजिटल सुविधा के उपयोग अउ योजना के जानकारी के बीच अंतर दिखाई देत हे।
करीब एक चौथाई राशन दुकान मं प्रिंटेड रसीद नइ मिलत
रिपोर्ट मं PDS के पारदर्शिता ला लेके एक कमी घलो सामने आई हे। छत्तीसगढ़ के करीब एक चौथाई उचित मूल्य दुकान मं हितग्राही मन ला राशन लेय के बाद प्रिंटेड रसीद नइ दिए जात हे।
रसीद नइ मिलना ले राशन वितरण के रिकॉर्ड अउ पारदर्शिता के मामला मं दिक्कत हो सकथे। हालांकि, निगरानी समिति के मामला मं राज्य के स्थिति बेहतर हे। 95 फीसदी ले जियादा FPS संचालक मन दुकान मं निगरानी समिति होय के बात कहिन।
जियादातर राशन दुकान मं मध्यम स्तर के व्यवस्था
रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ के 15 फीसदी उचित मूल्य दुकान उच्च अनुपालन वाली श्रेणी मं हवंय, जबकि 79 फीसदी दुकान मध्यम अनुपालन अउ 6 फीसदी दुकान कम अनुपालन वाली श्रेणी मं हवंय।
दुकान मन मं डिस्प्ले बोर्ड के स्थिति घलो देखे गे। करीब 64 फीसदी FPS मं उच्च अनुपालन मिलिस, जबकि 12 फीसदी मं मध्यम अउ 24 फीसदी दुकान मं स्थिति कमजोर पाई गे।
दुकानदार मन ला औसतन 9,370 रुपए कमीशन
रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के उचित मूल्य दुकान संचालक मन ला औसतन हर महीना 9,370 रुपए कमीशन मिलत हे। ये राष्ट्रीय औसत 8,967 रुपए ले जियादा हे।
रिपोर्ट मं ये बात घलो सामने आई हे कि राशन दुकान संचालक मन के आर्थिक स्थिति के असर दुकान के सेवा, डिजिटल व्यवस्था अउ नियमित राशन वितरण ऊपर पड़थे।
दूर-दराज के इलाका मं स्थानीय व्यवस्था के फायदा
रिपोर्ट मं छत्तीसगढ़ के विकेंद्रीकृत खरीदी, स्थानीय वितरण अउ समुदाय आधारित व्यवस्था के सराहना करे गे हे। ए व्यवस्था खासकर आदिवासी अउ भौगोलिक रूप ले दूर इलाका मं राशन पहुंचाए मं मददगार साबित होवत हे।
अब राशन के संग जानकारी पहुंचाना जरूरी
कुल मिलाके रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के PDS व्यवस्था के दू अलग तस्वीर दिखाथे। एक तरफ 99.8 फीसदी हितग्राही मन ला पूरा राशन मिलत हे अउ 97.5 फीसदी राशन कार्ड मोबाइल ले लिंक हवंय। दूसर तरफ PMGKAY के जानकारी रखे वाले हितग्राही मन के संख्या सिरिफ 20.1 फीसदी हे।
अब सरकार के सामने चुनौती सिरिफ राशन हितग्राही मन तक पहुंचाए के नइ, बल्कि उन मन ला अपन अधिकार, योजना के फायदा, पात्रता अउ शिकायत निवारण के तरीका के बारे मं जानकारी देय के घलो हे।



