खरीदी केंद्र में घोटाला: 17 करोड़ ले जादा के धान सेंटर ले गायब, कागद में दिखिस स्टॉक, जांच में निकरिस गोलमाल
Chhattisgarh Mandi Dhan Missing Case : महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला ले धान खरीदी में एक ठन अब्बड़ बड़े घोटाला के मामला अगाड़ी आए हे, जेने सुबे के परसासन अऊ निगरानी ब्यवस्था के ऊपर कतकोन अकन सवाल खड़े कर देन। सरकारी कागद अऊ रिकॉर्ड में त धान हावे कहिके देखाए गे रिहिस, साहेब मन जब जांच करे बर पहुंचिन त मउका में धान के एक कट्टा घलो नइ मिलिस। ए मामला में अब तक 15 सहकारी समिति के प्रभारी मन के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करवाय जा चुके हे, अऊ बाकी के 39 खरीदी केंद्र मन के ऊपर का कारवाही होही, ए बात ला परसासन ह अभी साफ नइ करे हे।
बाजार में गायब धान के कीमत 17 करोड़ ले घलो जादा
मिले जानकारी के मुताबिक, बछर 2025-26 के धान खरीदी सीजन में महासमुंद जिला के 182 खरीदी केंद्र मन के दुआर ले कुल 1,01,95,681.20 मीट्रिक टन धान के खरीदी रिकॉर्ड में दर्ज करे गे रिहिस। मिलिंग (धान कुटाई) के बाद सरकारी रिकॉर्ड के हिसाब से 57,860.47 क्विंटल धान ह खरीदी केंद्र मन में बचे रहना रिहिस।
पर जब अधिकारी मन ह भौतिक सत्यापन (जांच) करिन, त 54 ठन केंद्र मन में धान के स्टॉक नदारद मिलिस। सरकार के समर्थन मूल्य 3,100 रुपिया प्रति क्विंटल के हिसाब से ए गायब धान के कुल कीमत लगभग 17 करोड़ 93 लाख 67 हजार 457 रुपिया आंके गे हे।
ए दुई केंद्र मन में मिलिस सबले जादा गड़बड़ी
जांच टीम ला सबले जादा धान के हेराफेरी आरंगी अऊ बम्हनी सहकारी समिति मन में मिले हे। ए दोनों केंद्र मन ले चार-चार हजार क्विंटल ले जादा धान गायब पाए गे हे। एकर अलावा तोषगांव, बघरपाली, मोगरापाली, समहर, कोटद्वारी, मल्यामाल, बेलसोंडा अऊ खेमड़ा सहकारी समिति मन में घलो अब्बड़ बड़े पैमाना में धान कम मिलिस हे, जेकर से सरकार ला लाखों-करोड़ों रुपिया के नुकसान होय के अनुमान हे।
परसासन के निगरानी ब्यवस्था के खुलिस पोल
नियम के मुताबिक धान खरीदी के पूरा देखरेख बर हर एक खरीदी केंद्र में नोडल अधिकारी अऊ मॉनिटरिंग अधिकारी मन के डयूटी लगाए जाथे। समय-समय पर जाके धान के कोठार ला गिनना अऊ जांच करना घलो जरूरी होते। एकर बाद घलो एतका बड़े मात्रा में धान के गायब हो जाना, विभाग के बड़े-बड़े अधिकारी अऊ चेकिंग ब्यवस्था के ऊपर गंभीर सवाल खड़े करथे।
बड़े साहेब मन ला भेजे गे हे जांच रिपोर्ट
जिला विपणन अधिकारी ह ए बात ला पक्का करिन हे कि करोड़ों रुपिया के धान सचमुच स्टॉक ले गायब हे। ओमन बताइन कि गड़बड़ी पाए जाए के बाद अब तक 15 सहकारी समिति मन के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज करवा दे गे हे, अऊ पूरा मामला के विसृत रिपोर्ट ला राजधानी में बैठे बड़े अधिकारी मन करा भेज दे गे हे।
39 केंद्र मन के ऊपर कारवाही के अभी घलो इंतजार
जांच में 54 खरीदी केंद्र मन में धान के भारी कमी पाए गे रिहिस, पर अचम्भा के बात ये हे कि अब तक सिरिफ 15 समिति मन के ऊपर ही कानूनी कारवाही (प्राथमिकी) दर्ज होय हे। बाकी बचे 39 केंद्र मन के ऊपर परसासन ह आगे का कदम उठाही, एकर जानकारी अभी जिला के कउनो अधिकारी ह साफ-साफ नइ दे हे।



