छत्तीसगढ़ पाठ्य-पुस्तक निगम के बार कोड सिस्टम अपनावत हावे गुजरात: ये सत्र मं 50 करोड़ के होइस बचत,
छत्तीसगढ़ पाठ्य-पुस्तक निगम के काम के तरीका अब दूसर राज मं आदर्श बनत दिखत हे। गुजरात सरकार अब छग के बार कोड फॉर्मूला अपनाय के फैसला करे हे। ये सिस्टम के मदद ले इस शैक्षणिक सत्र मं करीब 50 करोड़ रूपिया के बचत होई हे।
बार कोड फॉर्मूला के तहत हर किताब के ऊपर अलग-अलग कोड लगाय जाथे, जेकर ले किताब के ट्रैकिंग आसान हो जाथे। ट्रांसपोर्ट के समय ट्रक मं अब चिप लगाय जाही, जे ले हर खेप के लोकेशन रियल टाइम मं देखाय देही।
निगम के अधिकारी मन कहिन के – “अब चोरी, गुम, या ज्यादा छपाई जइसन गड़बड़ी बंद होही।” 4 सप्लाई कंपनी ऊपर गड़बड़ी करे बर कार्रवाई होए के तैयारी चलत हे।
छत्तीसगढ़ पाठ्य-पुस्तक निगम के ये तकनीकी नवाचार के चलते अब देश के दूसर राज्य मन घलो अपनाय बर आगे आवत हें। गुजरात के शिक्षा विभाग के अधिकारी मन कहिन के – “छग के मॉडल ले किताब वितरण मं पारदर्शिता आही अउ खर्चा कम होही।”
मुख्य बात:
बार कोड सिस्टम ले किताब ट्रैकिंग आसान
इस साल 50 करोड़ रूपिया बचत
ट्रक मं लगही ट्रैकिंग चिप




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