छत्तीसगढ़ म अब मजदूर मन ला काम बर रद्दा म खड़े होय के जरूरत नई, सीधा फोन म मिलही रोजगार
e-shram sathi app : छत्तीसगढ़ के महासमुंद म रोज बिहान काम के खोज म चौक-चौराहा म ठाढ़े होय वाले मजूर मन के जिंदगी अब बदल सकत हे। श्रम विभाग ह असंगठित क्षेत्र के मजूर मन ला सीधे रोजगार के मौका अउ सरकारी योजना मन से जोड़े बर ‘ई-श्रम साथी ऐप’ सुरू करे हे। ए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए मजूर मन ला ओकर हुनर के हिसाब से काम, ठेकेदार मन से सीधा संपर्क अउ सरकारी योजना मन के जानकारी एक ही जगह म मिल जाही। विभाग के कहना हे कि एसे बिचौलिया मन के राज खतम होही अउ मजूर मन ला समे पर रोजगार मिले म आसानी होही।
जिले म अब तक 476 मजूर मन ह ऐप म अपन नांव लिखवा चुके हें, जिसम से 12 मजूर मन ला रोजगार मिल घलो चुके हे। महासमुंद जिला म संगठित मजूर मन के संख्या 1 लाख 72 हजार 614 अउ असंगठित मजूर मन के संख्या 34 हजार 999 हे। ओकर हिसाब से ऐप म नांव लिखवाय वाले मन के संख्या अभी बहुते कम हे। विभाग के मानना हे कि जइसे-जइसे लोगन मन जागरूक होहीं, एमां तेजी आही। ई-श्रम साथी ऐप ह खास करके रोज कमाय-खाय वाले दिहाड़ी मजूर, घर बनाय वाले मूरथ, घर के काम करे वाले अउ दूसर असंगठित क्षेत्र के मजूर मन ला ध्यान म रख के बनाय गे हे।
मजूर मन अपन मोबाइल फोन से खुद नांव लिखवा सकत हें अउ रोजगार के जानकारी पा सकत हें। ऐप म ठेकेदार अउ काम देवइया मन ला घलो अपन नांव लिखवाना परही। ओमन ला कतका मजूर चाही, का काम हे अउ कतका मजदूरी दे जाही, ए सब जानकारी दर्ज करे बर परही, जेकर से मजूर मन सीधे ओमन से बात कर सकत हें। श्रम विभाग के अधिकारी डीएन पात्रा ह बताइस कि जिला म नांव लिखाए के अभियान लगातार चलत हे।
दुकानदार अउ छोटे बऊपारी मन ला घलो बड़ राहत मिले हे। दुकान अउ स्थापना अधिनियम के तहत अब नांव लिखाए के काम पूरा ऑनलाइन होगे हे। अब दुकान के बही म नांव, पता, या मजूर मन के संख्या बदले बर दफ्तर के चक्कर काटे के जरूरत नई हे। बऊपारी मन सिरिफ 100 रुपिया फीस देके ऑनलाइन अरजी दे सकत हें, अउ विभाग ह 24 घंटा के भीतर नवा प्रमाण-पत्र जारी कर देही। ए डिजिटल ब्यवस्था से बऊपारी मन के समे अउ मिहनत दोनों बाचही।



