भिलाई मं CBI के छापा, रेलवे अफसर गिरफ्तार
CBI Raid Bhilai : भिलाई के चरोदा स्थित रेलवे के PP यार्ड मं गुरुवार के बेलुका CBI के टीम अचानक पहुंच गे। सीनियर डिविजनल मैकेनिकल इंजीनियर (सीनियर डीएमई) अनमोल उइके के ऊपर ठेकेदार ले रिश्वत मांगे के आरोप लगाय गे हवय। CBI के टीम देर रात तक उनके दफ्तर मं पूछताछ अउ जरूरी कागज-पत्तर के जांच करत रहिस।
50 हजार रुपिया रिश्वत मांगे के आरोप
मिलत जानकारी के मुताबिक, अनमोल उइके ऊपर नवा ठेका देय अउ पहिली के काम के बिल पास करे के बदला मं 50 हजार रुपिया मांगे के आरोप हवय। ठेकेदार दीपक वर्मा ह CBI के भ्रष्टाचार निरोधक शाखा मं शिकायत करे रहिस। शिकायत के जांच के बाद CBI ह ट्रैप के कार्रवाई के तैयारी करिस।
केमिकल लगे नोट ले CBI के ट्रैप
गुरुवार बेलुका करीब 5 बजे करीब 10 अफसर के टीम PP यार्ड पहुंचिस। टीम मं दिल्ली, रायपुर अउ दुर्ग के अधिकारी शामिल रहिन। CBI ह ठेकेदार ला केमिकल लगे नोट वाला लिफाफा देके अफसर के पास भेजिस। लिफाफा लेत ही CBI के टीम ह दफ्तर मं दबिश दे दिस। अफसर के हाथ धुलवाय गिस, जिहां केमिकल के निशान मिले के बात सामने आइस।
दफ्तर मं फाइल लेके मोबाइल-लैपटॉप तक जांच
ट्रैप के बाद CBI ह सीनियर डीएमई के दफ्तर ला अपन कब्जा मं ले लिहिस। टेंडर के फाइल, पहिली के काम के रिकॉर्ड, बिल अउ रजिस्टर के जांच करे गिस। मोबाइल अउ लैपटॉप घलो खंगाले गिस। दूसर कर्मचारी मन के मोबाइल अउ डिजिटल रिकॉर्ड के भी जांच करे के जानकारी सामने आइस।
रायपुर के घर मं घलो जांच
CBI के कार्रवाई PP यार्ड तक सीमित नइ रहिस। टीम ह रायपुर के WRS कॉलोनी मं स्थित अनमोल उइके के घर मं घलो जांच करिस। ओकर बाद अफसर ला पूछताछ बर रायपुर ले जाया गिस। ठेकेदार दीपक वर्मा ला घलो CBI अपन संग ले गे। कार्रवाई के दौरान कई कागज-पत्तर अउ डिजिटल सबूत जब्त करे के जानकारी हवय।
कोर्ट ह 3 दिन के CBI रिमांड मं भेजिस
अनमोल उइके ला रायपुर के CBI स्पेशल कोर्ट मं पेश करे गिस। कोर्ट ह उनला 3 दिन के CBI रिमांड मं भेज दिस। अब CBI रिश्वत के आरोप, ठेका प्रक्रिया अउ पहिली के बिल के संबंध मं पूछताछ करही। हालांकि CBI के तरफ ले अभी तक पूरा आधिकारिक बयान जारी नइ करे गे हवय।
PP यार्ड रेलवे बर काबर जरूरी हवय?
चरोदा के PP यार्ड रेलवे बर बहुत महत्वपूर्ण जगह आय। इहां भिलाई स्टील प्लांट बर आयरन ओर अउ कोक लेके आवत मालगाड़ी के वैगन के जांच होथे। NSPCL बर आवत कोक रैक के भी जांच इही जगह होथे। वैगन मं टूट-फूट या तकनीकी खराबी मिलथे त ओकर मरम्मत कराय जाथे। ये काम अलग-अलग ठेका के माध्यम ले कराय जाथे।
रेल मंडल मं मचिस हड़कंप
CBI के छापा के खबर फैलते ही रायपुर रेल मंडल मं हड़कंप मच गे। ठेका अउ बिल भुगतान से जुड़े कामकाज ऊपर अब सवाल उठे लगिस। जांच मं ये पता लगाए के कोशिश होवत हवय कि रिश्वत के मांग सिरिफ एक काम तक सीमित रहिस या ठेका प्रक्रिया मं अउ बड़े गड़बड़ी के खेल चलत रहिस। CBI के आगू के कार्रवाई के बादे पता चलही कि अउ कतका रकम या का-का दस्तावेज हाथ लगे हवय।



