राष्ट्रपति भवन में बस्तर के लोकनृत्य से सजी ऐतिहासिक शाम
रायपुर, 31 जुलाई 2026।बस्तर के जनजातीय प्रतिनिधिमंडल के लिए राष्ट्रपति भवन का दौरा एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय अनुभव बन गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर से पहुंचे परगना मांझियों, चालकियों, बस्तर पंडुम के कलाकारों और समाज प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत करते हुए शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिली।

इस विशेष यात्रा का आयोजन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में किया गया। इस पहल ने बस्तर के जनजातीय समाज को देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया। राष्ट्रपति भवन में हुए इस सम्मान ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में गर्व और आत्मविश्वास का संचार किया।
# *राष्ट्रपति भवन में दिखी आत्मीयता, भावुक हुए प्रतिनिधि*
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब राष्ट्रपति ने स्वयं अपने हाथों से अतिथियों को भोजन परोसा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दाल परोसी, जबकि उप मुख्यमंत्री और संस्कृति मंत्री ने मिठाई परोसकर अतिथियों का स्वागत किया। इस आत्मीय माहौल ने सभी प्रतिनिधियों को भावविभोर कर दिया।
# *राष्ट्रपति भवन में गूंजे बस्तर के लोकगीत और नृत्य*
कार्यक्रम के दौरान बस्तर पंडुम के विजेता कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। बस्तर की वेशभूषा, कला और संस्कृति ने राष्ट्रपति भवन को रंगमय बना दिया। माहौल इतना जीवंत हो गया कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी लोकनृत्य में शामिल हो गए।
# *विश्व पटल पर पहुंचेगी बस्तर की कला*
काष्ठ कलाकार अजय मंडावी ने बताया कि बस्तर की कला अद्वितीय है और अब शांति के माहौल में इसे वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बस्तर की संस्कृति अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाएगी।
# *बदलते बस्तर की तस्वीर, प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव*
प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को बताया कि अब बस्तर में शांति और विकास का वातावरण है। बच्चों की शिक्षा, सड़क और संचार सुविधाओं में सुधार हुआ है। दंतेवाड़ा की कलाकार लक्ष्मी सोढ़ी ने बस्तर पंडुम से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने को अपने जीवन का गौरव बताया।
# *दिल्ली भ्रमण बना यादगार अनुभव*
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन के साथ-साथ इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और अमर जवान ज्योति का भ्रमण किया। इसके अलावा राजघाट, चांदनी चौक, जामा मस्जिद, शीशगंज गुरुद्वारा और सरोजनी मार्केट जैसे प्रमुख स्थलों का भी दौरा किया। राजधानी दिल्ली का यह अनुभव खासकर उन युवाओं के लिए यादगार रहा, जो पहली बार बस्तर से बाहर निकले थे।
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Source: Ekhabri


