प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा! आश्रम में बने दो गुट, मुख्यमंत्री योगी से सुरक्षा की मांग

नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले के पक्षकार दिनेश फलाहारी ने संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने केलिकुंज आश्रम और आसपास की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पत्र में आश्रम से जुड़े विवाद और कुछ लोगों की गतिविधियों पर सवाल उठाए गए हैं।
आश्रम में दो गुट होने का दावा
दिनेश शर्मा ने आरोप लगाया कि आश्रम से जुड़े कुछ स्थानों पर संपत्ति और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोग सक्रिय हैं। उनका दावा है कि आश्रम में दो गुट बन गए हैं। हालांकि, ये आरोप संबंधित पक्षों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
संत प्रेमानंद के समर्थन में संत
विवाद के बीच ब्रज के कई संत और भागवताचार्य प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आए हैं। भागवताचार्य चित्रलेखा ने कहा कि बिना पूरी जानकारी के किसी संत के बारे में बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अधूरा ज्ञान नुकसानदायक हो सकता है और जानकारी न होने पर मौन रहना बेहतर है।
अनिरुद्धाचार्य ने भी उठाए सवाल
भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि बिना तथ्यों की पूरी जानकारी के प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराज के प्रवचनों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुड़े हैं और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।
साधक की मौत के बाद बढ़ा विवाद
25 सितंबर को 25 वर्षीय साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हुई थी। पुलिस ने जांच शुरू की और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों की बात सामने आई है। पुलिस मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
लापता किशोर बरामद, महिला की तलाश जारी
आश्रम से जुड़े 16 वर्षीय अनुज के लापता होने का मामला भी सामने आया था। बरसाना पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। वहीं नोएडा की एक 35 वर्षीय महिला के 15 अगस्त से लापता होने की जानकारी सामने आई है। उसके आश्रम जाने की आशंका जताई गई है, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
साभार: Asian News Bharat


