जीवन सूक्त : रण नहीं, रंगमंच है जीवन – संदीप अखिल
चिंता करना ज़िम्मेदारी उठाना नहीं है बल्कि समझदारी से उनका समाधान निकालना ही सही मायनों में ज़िम्मेदारी निभाना है। “A
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