होम › Technology › Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 2 महिला समेत 4 गिरफ्तार
Technology

Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 2 महिला समेत 4 गिरफ्तार

WhatsApp Facebook
Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 2 महिला समेत 4 गिरफ्तार

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

42781-tiger-shroff-firing-case Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 2 महिला समेत 4 गिरफ्तार

Tiger Shroff Firing Case: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले की जांच में हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क को लेकर नई जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुणाल, सुमित, राधा और बबीता शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर अमृतसर से पिस्टल और कारतूस लाने तथा उन्हें मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था में शामिल होने का आरोप है। मामले की जांच मुंबई पुलिस भी कर रही है। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों और उनके बीच संपर्क की कड़ियों की पड़ताल कर रही है।

हरियाणा और दिल्ली से पकड़े गए चार आरोपी

पुलिस के अनुसार, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार किया गया, जबकि राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि चारों की भूमिका हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था में थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियारों की सप्लाई के पीछे कौन-कौन लोग शामिल थे और इस नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था।

12 हजार रुपये तक में मुंबई पहुंचाने का सौदा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुणाल और सुमित को करीब दो सप्ताह पहले अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद हथियारों को मुंबई पहुंचाने के लिए राधा और बबीता को 10 से 12 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी। पुलिस के अनुसार, कुणाल ने अपनी गर्लफ्रेंड राधा को इस काम के लिए तैयार किया था और बबीता भी इसमें शामिल हुई।

क्या है ‘डेड लेटर बॉक्स’ तरीका?

पुलिस की जांच में हथियारों को एक तय स्थान से उठाने की व्यवस्था की बात सामने आई है। इस तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है। इसमें सामान या संदेश को पहले से निर्धारित जगह पर रख दिया जाता है और दूसरा व्यक्ति वहां पहुंचकर उसे उठा लेता है। इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों का आमने-सामने मिलना जरूरी नहीं होता।

पुलिस के मुताबिक, अमृतसर में हथियार रखे जाने की जगह की जानकारी अनिल पंडित ने कुणाल को भेजी थी। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि हथियार वहां किसने रखे थे और सप्लाई नेटवर्क में अनिल पंडित समेत अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

15 अक्टूबर को दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुईं महिलाएं

पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर को कुणाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा था। आरोप है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी और इसके बाद दोनों महिलाएं मुंबई के लिए रवाना हुईं। जांच में यह भी सामने आया है कि कुणाल पर एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में था और निर्देशों को आगे पहुंचाने का काम कर रहा था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों को मुंबई में किसे सौंपा जाना था और इस पूरी व्यवस्था में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच एजेंसियां हथियारों के स्रोत से लेकर उनकी डिलीवरी तक की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

चारों आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर

मिली जानकारी के अनुसार, 20 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद मुंबई पुलिस की सीआईडी टीम ने अदालत से आरोपियों की औपचारिक गिरफ्तारी और पूछताछ की अनुमति मांगी। अदालत ने अनुमति देते हुए चारों आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

साभार: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें
दोस्तों के साथ साझा करें
OneChhattisgarh संपादकीय डेस्क
संपादकीय डेस्कOneChhattisgarh संपादकीय डेस्क

OneChhattisgarh.Com संपादकीय टीम — छत्तीसगढ़ की ताज़ा खबरें, सरकारी योजनाएं, रोजगार समाचार व जनहित के मुद्दों पर निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता।

सभी लेख देखें →
सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)