OBC क्रीमीलेयर ऊपर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसला: अब पब्लिक सेक्टर म काम करइया मन के 8 लाख के तनखा नई गिने जाही
OBC Creamy Layer Verdict : दिल्ली। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण ला लेके सुप्रीम कोर्ट ह एक अइसन बड़े फैसला सुनाय हे, जेखर ले लाखों युवा मन के किस्मत चमक जाही। अदालत ह साफ कर दे हे कि पब्लिक सेक्टर (PSU) म काम करइया कर्मचारी मन के 8 लाख रुपिया तक के सालाना तनखा (Salary) ला अब क्रीमीलेयर के गिनती म शामिल नई करे जाही। ए फैसला के बाद अब सिरिफ़ ‘दूसर जरिया ले होय वाला आय’ (Other Sources of Income) ला ही आधार माने जाही।
लाखों लइका मन भरती ले होवत रहिन बाहर
असल म, पिछला कतको साल ले यूपीएससी (UPSC) अउ एमपीपीएससी (MPPSC) के तैयारी करइया लइका मन ए नियम के सेती परेशान रहिन। ONGC, कोल इंडिया अउ अउ अइसने सरकारी कंपनी म काम करइया मन के लइका मन ला ‘नॉन-क्रीमीलेयर’ (NCL) के सर्टिफिकेट नई मिल पावत रहिस। नियम ये रहिस कि अगर दाई-ददा के कुल आय 8 लाख ले जादा हे, त ओ मन ला आरक्षण के फायदा नई मिले, चाहे वो पईसा सिरिफ़ तनखा के ही काबर झन होय।
2014 ले लागू ए व्यवस्था के सेती ओ छोटे कर्मचारी अउ मजदूर मन के लइका मन घलो आरक्षण ले वंचित हो जावत रहिन जेकर तनखा 8 लाख ले जादा रहिस। सुप्रीम कोर्ट के ए निर्णय ले अब मेधावी छात्र मन बर सरकारी नौकरी के दुआर फिर ले खुल गे हे।
रामनन्दन कमेटी अउ नवा नियम का कहिथे?
सुप्रीम कोर्ट ह आरक्षण के नियम मन ला समझावत बताइस कि क्रीमीलेयर के नियम ककर ऊपर लागू होही:
क्लास वन अधिकारी: ओबीसी वर्ग के क्लास वन अधिकारी मन ऊपर ये नियम लागू रही।
क्लास टू अधिकारी: अगर पति अउ पत्नी दूनों क्लास टू अधिकारी हें, त ओ मन क्रीमीलेयर म आहीं।
प्रमोशन के आधार: अगर कोनो अधिकारी 40 साल के उमर ले पहिली क्लास टू ले क्लास वन म प्रमोट होथे, त ओ मन घलो ए घेरा म आहीं।
ऐतिहासिक बदलाव अउ राहत
ए फैसला ले ओ सबो सरकारी कर्मचारी अउ अधिकारी मन ला बड़े राहत मिले हे, जेकर सिरिफ़ तनखा ही 8 लाख ले जादा रहिस। अब भरती परीक्षा मन म NCL सर्टिफिकेट पाना आसान होही, जेखर ले सही मायने म जरूरतमंद ओबीसी अभ्यर्थी मन ला आरक्षण के संवैधानिक अधिकार मिल सकही।


