पत्रकार हत्याकांड में राम रहीम बरी, हाई कोर्ट ले मिलीस बड़े राहत; CBI ला लगिस तगड़ा झटका
Ram Rahim Case : चंडीगढ़। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामला में पंजाब अउ हरियाणा हाई कोर्ट ह बरी कर दे हे। कोर्ट ह राम रहीम के अपील ला स्वीकार करत हुए ओला निर्दोष पाय हे। ये फैसला सीबीआई (CBI) बर एक बड़े झटका माने जात हे, काबर कि पहिली निचली अदालत ह राम रहीम ला दोषी मान के सजा सुनाय रहीस।
का रहीस मामला?
ये पूरा मामला साल 2002 के आय, जब सिरसा के निडर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ह अपन अखबार ‘पूरा सच’ में डेरा सच्चा सौदा के भीतर होवत गलत काम मन के खुलासा करे रहीस। एही खुलासा के कुछ दिन बाद ही अक्टूबर 2002 में छत्रपति ला ओखर घर के बाहर गोली मार दे गे रहीस, जिहाँ इलाज के बखत ओखर मौत हो गे।
जांच अउ सजा के सफर:
CBI जांच: परिवार के मांग ऊपर ये मामला के जांच सीबीआई ला सौंपे गे रहीस।
निचली अदालत के फैसला: साल 2019 में पंचकूला के विशेष सीबीआई कोर्ट ह राम रहीम अउ तीन झन अउ मन ला हत्या के साजिश रचे बर दोषी मानिस अउ उम्रकैद के सजा सुनाईस।
हाई कोर्ट के मोड़: अब 2026 में हाई कोर्ट ह सबूत मन के कमी ला देखत हुए राम रहीम ला ए मामला ले बरी कर दीस।
तीन अउ आरोपी मन के सजा बरकरार
भले राम रहीम ला ए मामला में राहत मिल गे हे, फेर हाई कोर्ट ह मामला के बाकी तीन आरोपी मन—कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह अउ कृष्ण लाल के उम्रकैद के सजा ला बरकरार रखे हे। ए मन ऊपर हत्या ला अंजाम दे अउ साजिश में सामिल होय के पुख्ता सबूत मिले हें।
न्याय बर लड़ई
पत्रकार छत्रपति के परिवार ह ए फैसला ले निराशा जताय हें। ओ मन के कहना हे कि 22 साल ले चलत न्याय के लड़ई में ये फैसला ओ मन बर दुखद हे। कयास लगाए जात हे कि सीबीआई ए फैसला के खिलाफ अब सुप्रीम कोर्ट जा सकत हे। बता दन कि राम रहीम पहिली ले ही साध्वी यौन शोषण अउ रणजीत सिंह हत्याकांड जइसन मामला मन में जेल में सजा काटत हे।


