पेट्रोल-डीजल म अगर लग जाही GST त कतका कम होही दाम? समझव ये पूरा गणित
Petrol Diesel GST : नई दिल्ली। देश म पेट्रोल अउ डीजल के बढ़त दाम ले आम आदमी हलाकान हे। सबो के मन म एक ही सवाल उठथे कि आखिर तेल एतका महंगा काबर हे, जबकि ओकर असल कीमत तो बहुते कम रिहिस। एकर सबले बड़े कारन हे ‘टैक्स के खेल’। अभी पेट्रोल-डीजल म केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी वसूलथे अउ राज्य सरकार मन अपन ‘वैट’ (VAT) जोड़ देथें, जेकर से कीमत ह आसमान छुए लगथे। अइसन म अगर पेट्रोल-डीजल ल GST के दायरा म लाय जाही, त मनखे मन ल भारी राहत मिल सकत हे।
अभी के का हाल हे?
आज के समय म दिल्ली जइसन सहर म पेट्रोल के असली कीमत (Base Price) करीब 55-56 रुपया प्रति लीटर हे। फेर जब एमा एक्साइज ड्यूटी, वैट अउ डीलर के कमीशन जुड़थे, त येहा 90-100 रुपया के पार पहुँच जाथे। मतलब ये कि मनखे मन तेल ले जादा तो सिरिफ टैक्स भरत हें।
12% GST लागू होही त का होही?
मान लेव कि पेट्रोल अउ डीजल म सिरिफ 12% GST लगाय जाय अउ बाकी सब टैक्स ल हटा दे जाय। अइसन स्थिति म पेट्रोल म सिरिफ 6-7 रुपया टैक्स लगही। डीलर कमीशन जोड़े के बाद पेट्रोल के कीमत 68 ले 70 रुपया प्रति लीटर तक आ सकत हे। मतलब अभी के भाव ले करीब 20-25 रुपया सस्ता। डीजल के बात करबो त 12% GST म एकर कीमत 67-68 रुपया के आसपास रहि सकत हे।
28% GST लगही त कतका रही दाम?
अगर सरकार सबले जादा यानी 28% GST घलो लगाथे, तब घलो पेट्रोल म करीब 15-16 रुपया टैक्स बनही। ये हिसाब ले पेट्रोल के कीमत 75 ले 80 रुपया के बीच रही। ओही च डीजल के दाम 72 ले 75 रुपया के आसपास रहि सकत हे। येहा अभी के रेट ले कम ही रही, फेर 12% GST जइसन जादा राहत नइ मिलही।
GST ले सस्ता काबर होही तेल?
GST के सबले बड़े फायदा ये हे कि एमा ‘टैक्स के ऊपर टैक्स’ नइ लगे। अभी पहिली एक्साइज लगथे अउ फेर ओकरे ऊपर वैट जुड़ जाथे। फेर GST म सिरिफ एक ही टैक्स लगही, जेकर ले जनता के ऊपर ले बोझ कम हो जाही। अब सवाल ये उठथे कि अगर एतका फायदा हे त सरकार GST काबर नइ लगावत हे? एकर असली कारन हे ‘राज्यों के कमाई’। वैट ले राज्य सरकार मन ल भारी पैसा मिलथे, अगर येहा बंद हो गे त ओमन के आमदनी म असर पड़ही।



