वनप्लस यूजर्स सावधान! फोन के मैसेज चोरी हो सकते हैं, मिड-अक्टूबर तक कोई पैच नहीं
क्या आपका वनप्लस फोन आपकी प्राइवेसी को खतरे में डाल रहा है? एक बड़ी साइबर सिक्योरिटी खामी ने लाखों वनप्लस यूजर्स को निशाना बना लिया है। अमेरिकी साइबर फर्म रैपिड7 ने खुलासा किया है कि वनप्लस के ऑक्सीजनओएस (12 से 15 वर्जन) में एक गंभीर बग (सीवीई-2025-10184) है, जो किसी भी इंस्टॉल ऐप को यूजर की परमिशन के बिना एसएमएस और एमएमएस मैसेज चुपके से पढ़ने की इजाजत देता है। इसका मतलब? हैकर्स आसानी से आपके टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन कोड चुरा सकते हैं, जिससे बैंक अकाउंट्स, ईमेल और सोशल मीडिया हैक हो सकते हैं। यह खामी 2021 से चली आ रही है, लेकिन वनप्लस ने अब तक चुप्पी साध रखी थी। आखिरकार, कंपनी ने कहा है कि फिक्स मिड-अक्टूबर से ग्लोबल अपडेट के जरिए आएगा। तब तक यूजर्स को अलर्ट रहना होगा!
खामी कैसे काम करती है? जानिए आसान भाषा में
समस्या की जड़: वनप्लस ने एंड्रॉयड के टेलीफोनी पैकेज में बदलाव किया, जिससे ‘कंटेंट प्रोवाइडर्स’ (जैसे सर्विस नंबर प्रोवाइडर) में एसक्यूएल इंजेक्शन का खतरा पैदा हो गया। कोई भी ऐप बिना नोटिफिकेशन के मैसेज डेटा एक्सट्रैक्ट कर सकता है।
प्रभावित डिवाइस: वनप्लस 8टी, 10 प्रो समेत 2021 के बाद के ज्यादातर मॉडल्स (नॉर्ड सीरीज भी शामिल)। ऑक्सीजनओएस 11 सेफ है, लेकिन 12-15 वर्जन पर खतरा।
सीरियसनेस: नेशनल वल्नरेबिलिटी डेटाबेस ने 8.2/10 का हाई रिस्क रेटिंग दिया। रैपिड7 ने मई से वनप्लस को 7 बार अलर्ट किया, लेकिन जवाब नहीं आया। 22 सितंबर को पब्लिक डिस्क्लोजर के बाद ही कंपनी सक्रिय हुई।
वनप्लस का जवाब: देरी क्यों?
वनप्लस के स्पोक्सपर्सन ने कहा, “हम सीवीई-2025-10184 को मानते हैं और फिक्स तैयार है। मिड-अक्टूबर से ग्लोबल रोलआउट होगा।” लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह देरी यूजर्स के लिए रिस्की है। एंड्रॉयड अथॉरिटी और द रजिस्टर जैसी साइट्स ने इसे ‘शॉकिंग साइलेंस’ बताया। सोशल मीडिया पर भी यूजर्स भड़क रहे हैं – ट्विटर (एक्स) पर #OnePlusVulnerability ट्रेंड कर रहा है।
क्या करें बचाव के लिए? 5 आसान टिप्स
ऐप्स चेक करें: अननोन सोर्स से ऐप्स न डाउनलोड करें। सेटिंग्स > ऐप्स > स्पेशल ऐक्सेस से परमिशन मॉनिटर करें।
2FA बदलें: एसएमएस कोड की बजाय गूगल ऑथेंटिकेटर या हार्डवेयर की इस्तेमाल करें।
सिक्योर मैसेजिंग: सिग्नल या व्हाट्सऐप जैसे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड ऐप्स यूज करें।
अपडेट चेक: सेटिंग्स > सिस्टम > अपडेट में ऑटो-अपडेट ऑन रखें।
डेटा मॉनिटर: बैटरी ड्रेन या डेटा यूजेज पर नजर रखें – संदिग्ध ऐप अनइंस्टॉल करें।
यह मामला एंड्रॉयड कस्टमाइजेशन की कमजोरियों को उजागर करता है। अगर आप वनप्लस यूजर हैं, तो पैच आने तक सतर्क रहें। ज्यादा डिटेल्स के लिए ऑफिशियल वनप्लस साइट चेक करें




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