Naxalite Surrender : 16 माओवादियों ने किया सरेंडर, ₹15 लाख का इनामी कमांडर भी शामिल; AK-47 समेत 11 हथियार जमा

Naxalite Surrender : रांची। झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। राज्य सरकार के ‘नई दिशा-नई पहल’ पुनर्वास अभियान के तहत 16 सक्रिय माओवादियों ने मंगलवार को झारखंड पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। सरेंडर करने वालों में ₹15 लाख का इनामी रीजनल कमांडर भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में एक रीजनल कमांडर (RCM), तीन जोनल कमांडर (ZCM), तीन सब-जोनल कमांडर (SZCM), छह एरिया कमांडर (ACM) और तीन कैडर स्तर के सदस्य शामिल हैं। इनमें 14 माओवादी पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और दो लातेहार जिले से जुड़े थे।
AK-47 से M-16 तक आधुनिक हथियार किए जमा
आत्मसमर्पण के दौरान माओवादियों ने पुलिस के सामने 11 आधुनिक हथियार, 38 मैगजीन और 1,562 जिंदा कारतूस जमा किए। बरामद हथियारों में AK-47, INSAS राइफल, M-16 राइफल और US कार्बाइन जैसी अत्याधुनिक बंदूकें शामिल हैं।
15 लाख का इनामी कमांडर भी मुख्यधारा में लौटा
सरेंडर करने वालों में संतोष उरांव उर्फ बासुदेव दा भी शामिल है, जो संगठन का रीजनल कमांडर था और उस पर ₹15 लाख का इनाम घोषित था। इसके अलावा चंदन लोहरा और अनिल तुरी जैसे इनामी माओवादी भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आए। इन पर कई नक्सली घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं।
चाईबासा में घटे सक्रिय नक्सली
झारखंड पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के बाद चाईबासा में सक्रिय नक्सलियों की संख्या घटकर केवल छह रह गई है, जबकि पूरे झारखंड में अब करीब 20 सक्रिय नक्सली बचे हैं। इसे पिछले दो महीनों की सबसे बड़ी नक्सल विरोधी सफलता माना जा रहा है।
DGP ने दिया पुनर्वास का भरोसा
कार्यक्रम के दौरान झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को सरकार की पुनर्वास नीति का पूरा लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम अन्य उग्रवादियों के लिए भी प्रेरणा बनेगा और राज्य में शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
Source: Asian News Bharat


