MSME Export Scheme India 2026 : केंद्र सरकार के 5,181 करोड़ के बड़का दांव, अब छोटे व्यापारी मन ला मिलही सस्ता लोन अऊ ग्लोबल बाजार के साथ, पढ़व पूरा खबर

MSME Export Scheme India 2026

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MSME Export Scheme India 2026 : नई दिल्ली: भारत के सूक्ष्म, लघु अऊ मध्यम उद्यम (MSME) मन ला दुनिया भर म एक बड़े ताकत बनाय बर केंद्र सरकार ह अपन खजाना के पिटारा ला खोल दे हे। वाणिज्य मंत्रालय ह एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (EPM) के तहत दू ठन नवा क्रांतिकारी योजना मन के ऐलान करे हे। ए पहल के सीधा मतलब ये हे कि छोटे व्यापारी मन ला सस्ता करजा (लोन) मिल सके अऊ अंतरराष्ट्रीय व्यापार म होवइया खरचा ला कम करे जा सके।

MSME Export Scheme India 2026 : 6 साल तक ब्याज म मिलही बड़का राहत
सरकार ह एक्सपोर्ट क्रेडिट ऊपर इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ब्याज छूट योजना) ला मंजूरी दे दे हे। ए योजना 2025 ले 2031 तक लागू रहिही। सरकार एखर बर कुल 5,181 करोड़ रूपया खरचा करही।

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सीधा फायदा: जतका भी पात्र MSME इकाई हें, ओमन ला बाजार के आम रेट ले 2.75 प्रतिशत तक कम ब्याज म लोन मिल सकही।

फ्लोटिंग रेट: ए ब्याज के रेट ह सीधा रेपो रेट ले जुड़े रहिही, जेखर से बाजार म उतार-चढ़ाव के फायदा व्यापारी मन ला मिलही।

बिना कोनो बड़का गारंटी के मिलही बैंक लोन
छोटे व्यापारी मन बर सबले बड़का बाधा ‘कोलैटरल’ यानी गारंटी के होथे। एला दूर करे बर सरकार ह CGTMSE (क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) के जरिए नवा कोलैटरल सपोर्ट स्कीम सुरू करे हे।

एखर तहत अब व्यापारी मन बहुत कम गारंटी या बिना कोनो थर्ड पार्टी गारंटी के बैंक ले पैसा जुटा सकहीं।

एखर ले पहिली जे करजा 9.5% ले 12.5% के महँगा रेट म मिलत रिहिस, अब ओकर खरचा बहुत कम हो जाही।

नवा विदेशी बाजार ऊपर फोकस: एक्सपोर्ट बढ़ाए बर मिलही ‘बोनस’
सरकार के लक्ष्य सिरिफ सस्ता पैसा देना नई हे, बल्कि भारतीय सामान मन ला दुनिया के कोना-कोना तक पहुँचाना घलो हे।

उभरत बाजार: जे MSME नवा अऊ उभरत अंतरराष्ट्रीय बाजार मन म अपन माल एक्सपोर्ट करहीं, ओमन ला अलग ले प्रोत्साहन (Incentives) दे जाही।

विविधता: एखर मकसद कुछ गिने-चुने देश मन ऊपर भारत के निर्भरता ला कम करना अऊ पूरी दुनिया म ‘ब्रांड इंडिया’ के पहुँच ला बढ़ाना हे।

काबर जरूरी हे ए फैसला?
अभी के समय म अंतरराष्ट्रीय व्यापार म कई ठन चुनौती हे। अमेरिकी टैरिफ अऊ दुनिया भर के सप्लाई चैन म होवइया बदलाव के बीच भारतीय छोटे उद्योग मन ला टिके रहे बर सस्ता फाइनेंस के भारी जरूरत रिहिस। सरकार के ए कदम ले न केवल सामान बनाय के खरचा कम होही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार म भारतीय सामान मन के मुकाबला करे के ताकत घलो बढ़ही।

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