होम Technology MP News : वन विभाग के 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, CM डॉ. मोहन यादव ने कहा- वनकर्मी हैं ‘ग्रीन सोल्जर्स’
Technology

MP News : वन विभाग के 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, CM डॉ. मोहन यादव ने कहा- वनकर्मी हैं ‘ग्रीन सोल्जर्स’

WhatsApp Facebook
MP News : वन विभाग के 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, CM डॉ. मोहन यादव ने कहा- वनकर्मी हैं ‘ग्रीन सोल्जर्स’

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

36771-mp-cm-mohan-1 MP News : वन विभाग के 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को मिली पदोन्नति, CM डॉ. मोहन यादव ने कहा- वनकर्मी हैं ‘ग्रीन सोल्जर्स’

भोपाल। मध्य प्रदेश के वन विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हजारों अधिकारी-कर्मचारियों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। वन विभाग के कुल 4,506 अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इस अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में पदोन्नत कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सम्मान में अभिनंदन और आभार समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने सभी पदोन्नत कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि पदोन्नति केवल सेवा में बढ़ता पद नहीं, बल्कि कर्मचारियों की मेहनत, समर्पण और जिम्मेदारी का सम्मान भी है।

वनकर्मियों को बताया ‘प्रकृति पुत्र’ और ‘ग्रीन सोल्जर्स’

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विभाग के मैदानी अमले को ‘प्रकृति पुत्र’ और ‘ग्रीन सोल्जर्स’ बताते हुए कहा कि जल, जंगल, वन्यजीव और जैव विविधता की रक्षा में इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को प्राकृतिक संपदा और समृद्ध वन विरासत मिली है, जो देश-दुनिया में प्रदेश की अलग पहचान बनाती है।

उन्होंने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में जंगलों, पहाड़ों, नदियों और वन्यजीवों की सुरक्षा करते हैं। इनके प्रयासों के कारण मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट, लेपर्ड स्टेट, घड़ियाल स्टेट, गिद्ध स्टेट और चीता स्टेट जैसी पहचान मिली है।

4,506 कर्मचारियों में कई संवर्ग शामिल

पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों में 188 सहायक वन संरक्षक, 2,821 वनपाल, 761 उप वन क्षेत्रपाल और अन्य संवर्ग के 736 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने से विभाग में नई ऊर्जा आएगी।

उन्होंने पदोन्नत कर्मचारियों के साथ उनके परिवारों को भी बधाई दी और कहा कि किसी भी कर्मचारी की सफलता के पीछे परिवार का सहयोग और त्याग महत्वपूर्ण होता है।

खाली पदों पर जल्द शुरू होगी भर्ती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि वन विभाग में 25,389 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 18 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि वन प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ विभाग में खाली पदों को भरने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भरने के लिए नई भर्ती के आदेश दिए जा चुके हैं। इससे वन विभाग में मानव संसाधन की कमी को दूर करने और मैदानी कामकाज को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

जैव विविधता संरक्षण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब जंगल, नदियां, वन्यजीव और जैव विविधता सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि मानव जीवन और वन एक-दूसरे पर निर्भर हैं और सरकार का प्रयास है कि आने वाली पीढ़ियों को प्राकृतिक संसाधन और बेहतर पर्यावरण सौंपा जाए।

उन्होंने मध्य प्रदेश को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में बताया और कहा कि प्रदेश में विभिन्न वन्यजीवों के संरक्षण के साथ उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने पर भी लगातार काम हो रहा है।

30.72 प्रतिशत भू-भाग पर फैला है वन क्षेत्र

प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का करीब 30.72 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है। प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व और 26 वन्यजीव अभयारण्य हैं, जो राज्य की जैव विविधता और पर्यटन की बड़ी ताकत हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में वन संरक्षण के लिए कई नई पहल की गई हैं। इनमें रातापानी और माधव टाइगर रिजर्व, डॉ. भीमराव आंबेडकर अभयारण्य और ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व जैसी व्यवस्थाओं का विस्तार शामिल है।

AI और आधुनिक तकनीक से होगी वन्यजीवों की निगरानी

वन विभाग में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का भी कार्यक्रम में उल्लेख हुआ। अधिकारियों के अनुसार, चीता परियोजना को आगे बढ़ाने, AI आधारित गज रक्षक प्रणाली से हाथियों की निगरानी, पीएम गति शक्ति के लिए वन मानचित्रों का उपयोग और विभिन्न क्षेत्रों में तकनीकी नवाचारों पर काम किया जा रहा है।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत इस वर्ष मध्य प्रदेश में अब तक 5 करोड़ 62 लाख से अधिक पौधों का रोपण किए जाने की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा 43 जिलों में 94 वन वाटिकाओं को मंजूरी मिलने और तेंदूपत्ता संग्राहकों को नियमित भुगतान की भी जानकारी साझा की गई।

पदोन्नति से कर्मचारियों में नई ऊर्जा

समारोह में पदोन्नत अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। सहायक वन संरक्षक रजनीश शुक्ला ने कहा कि पदोन्नति के फैसले से विभाग के हजारों कर्मचारियों में उत्साह और काम के प्रति नई ऊर्जा पैदा हुई है।

वनपाल दिनेश नागर, उप वन क्षेत्रपाल सीमा राजगौंड, वनपाल कल्पना गौड़ और वनपाल रामदास सोलंकी ने भी पदोन्नति को अपने परिवार और समाज के लिए खुशी का अवसर बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

वन संरक्षण को विकास के साथ जोड़ने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की पहचान उसकी प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता से भी जुड़ी है। इसलिए सरकार का लक्ष्य केवल वन क्षेत्र की रक्षा करना नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावी प्रबंधन के जरिए वन संरक्षण को और मजबूत बनाना है।

कार्यक्रम के अंत में वन विभाग की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। समारोह में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अजय यादव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और पदोन्नत अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Source: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)