होम Technology MP News : गौवंश संरक्षण पर मोहन सरकार का बड़ा फोकस, गौशालाओं को दी 109.79 करोड़ की DBT सहायता
Technology

MP News : गौवंश संरक्षण पर मोहन सरकार का बड़ा फोकस, गौशालाओं को दी 109.79 करोड़ की DBT सहायता

WhatsApp Facebook
MP News : गौवंश संरक्षण पर मोहन सरकार का बड़ा फोकस, गौशालाओं को दी 109.79 करोड़ की DBT सहायता

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

36473-untitled-design-2026-08-21t202709217 MP News : गौवंश संरक्षण पर मोहन सरकार का बड़ा फोकस, गौशालाओं को दी 109.79 करोड़ की DBT सहायता

भोपाल। मध्य प्रदेश में गौवंश संरक्षण और संवर्धन को लेकर राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं और वित्तीय सहायता व्यवस्था को और मजबूत किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत गौशालाओं और गौवंश के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार पशुओं के बेहतर संरक्षण, भरण-पोषण और व्यवस्थापन के लिए लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में गौशालाओं को ₹109.79 करोड़ की अनुदान राशि DBT के जरिए सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई गई है।

3,212 गौशालाओं में 5.20 लाख से अधिक गौवंश

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 3,212 पंजीकृत गौशालाएं संचालित हैं। इनमें 5.20 लाख से अधिक गौवंश के भरण-पोषण और व्यवस्थापन की व्यवस्था की जा रही है। सरकार की ओर से इन गौशालाओं को नियमित रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि पशुओं के लिए भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल सकें।

अब ₹40 प्रतिदिन प्रति गौवंश मिलेगा अनुदान

सरकार ने गौशालाओं में मौजूद गौवंश के भरण-पोषण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की है। अब प्रति गौवंश प्रतिदिन ₹40 के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में गौशालाओं के लिए ₹620.50 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है। इससे गौशालाओं को अपने नियमित संचालन, पशुओं के भोजन और देखभाल से जुड़े खर्चों को पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी।

सिंगल क्लिक DBT से पारदर्शी हुआ भुगतान

गौशालाओं तक अनुदान पहुंचाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने सिंगल क्लिक DBT सिस्टम लागू किया है। इसके तहत सहायता राशि सीधे संबंधित गौशालाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था से अनुदान के वितरण में पारदर्शिता बढ़ी है और लाभार्थियों तक राशि समय पर पहुंचाने में भी मदद मिली है। इससे गौशाला संचालकों को भुगतान के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार बनने के बाद 1,000 से ज्यादा नई गौशालाएं शुरू

डॉ. यादव ने बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 1,000 से अधिक नई गौशालाओं का संचालन शुरू किया जा चुका है। इनमें दो लाख से ज्यादा गौवंश के व्यवस्थित व्यवस्थापन की व्यवस्था की गई है। सरकार का फोकस केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर करने, पशुओं की देखभाल, नस्ल सुधार और संचालन प्रणाली को मजबूत बनाने पर भी दिया जा रहा है।

अवैध परिवहन पर सख्ती, वाहनों की राजसाती का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में गौवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। साथ ही गौवंश के अवैध परिवहन को रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाया गया है। अवैध परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को राजसात करने का भी प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

समाज की भागीदारी भी जरूरी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि गौवंश संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर वर्ष प्रदेश के सभी जिलों की गौशालाओं में गोवर्धन पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में भी बड़ी गौशालाओं के निर्माण और संचालन पर काम किया जा रहा है, ताकि शहरों में बेसहारा गौवंश के लिए बेहतर संरक्षण व्यवस्था विकसित की जा सके।

संरक्षण के साथ बेहतर व्यवस्थापन पर जोर

राज्य सरकार की मौजूदा नीति में गौवंश के संरक्षण के साथ-साथ बेहतर भरण-पोषण, स्वास्थ्य, नस्ल सुधार और गौशालाओं के प्रभावी संचालन को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का दावा है कि बजट बढ़ाने, DBT से भुगतान और नई गौशालाओं के विस्तार से प्रदेश में गौवंश संरक्षण की व्यवस्था को पहले के मुकाबले अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है।

Source: Asian News Bharat

Asian News Bharat
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)