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MP : विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 का वॉल वर्जन लोकार्पित, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की गई वैदिक रिस्ट वॉच

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MP : विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 का वॉल वर्जन लोकार्पित, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की गई वैदिक रिस्ट वॉच

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37883-vikramaditya-vedic-clock-20 MP : विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 का वॉल वर्जन लोकार्पित, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेंट की गई वैदिक रिस्ट वॉच

Vikramaditya Vedic Clock 2.0: भोपाल। मुख्यमंत्री निवास में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 के वॉल वर्जन का लोकार्पण किया। भारतीय कालगणना, पंचांग और खगोलीय गणनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर तैयार की गई इस घड़ी में लाखों वर्षों की कालगणना को समझने की सुविधा विकसित की गई है। इस अवसर पर महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी और वैदिक क्लॉक रिस्ट वॉच के अन्वेषणकर्ता मयंक पाटीदार ने मुख्यमंत्री को वैदिक रिस्ट वॉच भी भेंट की।

21 लाख वर्ष पुराने कालखंड से 5 लाख वर्ष भविष्य तक की गणना

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 की सबसे खास विशेषता इसकी विशाल कालगणना क्षमता है। इसमें करीब 21 लाख वर्ष पहले तक की पंचांगीय गणनाओं का अध्ययन किया जा सकता है, वहीं आने वाले लगभग 5 लाख वर्षों तक की कालगणना भी देखी जा सकेगी। घड़ी में किसी भी निर्धारित तिथि के आधार पर उस समय की तिथि, पक्ष, नक्षत्र, योग, करण, हिंदू मास और अन्य पंचांग संबंधी जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।

प्रधानमंत्री के सुझाव के बाद तैयार हुआ नया संस्करण

कार्यक्रम में बताया गया कि कुछ समय पहले काशी विश्वनाथ मंदिर में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के अवलोकन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे और अधिक परिष्कृत करने तथा प्राचीन भारतीय गणनाओं को इसमें शामिल करने का सुझाव दिया था। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए वैदिक घड़ी-2.0 को विकसित किया गया है। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, खगोलीय गणित और आधुनिक डिजिटल तकनीक का समन्वय किया गया है।

पंचांग और खगोलीय घटनाओं की मिलेगी जानकारी

महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 में करीब 19 प्रमुख वैदिक और पंचांगीय तत्वों को शामिल किया गया है। इसमें वैदिक समय, मुहूर्त, कला, काष्ठा, सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त, सूर्य राशि, चंद्र राशि, तिथि, पक्ष, हिंदू मास, नक्षत्र, योग और करण जैसी जानकारियां उपलब्ध होंगी। इसके अलावा प्रमुख हिंदू त्योहार, व्रत, वृद्धि तिथि, अधिक मास और क्षय मास जैसी जटिल पंचांग गणनाओं को भी इसमें जोड़ा गया है।

नवग्रहों की स्थिति और ग्रहों की गति भी बताएगी घड़ी

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 में सूर्य और चंद्रमा सहित नवग्रहों की स्थिति, राशि, नक्षत्र में गोचर और ग्रहों की मार्गी-वक्री गति जैसी जानकारियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। इसकी खास बात यह है कि इसकी मूल कालगणना प्रणाली ऑफलाइन कार्य करने के लिए तैयार की गई है। इसके लिए लगातार इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता नहीं होगी।

स्मार्ट रिस्ट वॉच के रूप में भी विकसित

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 को अब वॉल क्लॉक के साथ-साथ स्मार्ट रिस्ट वॉच के रूप में भी विकसित किया गया है। इस वॉच में स्थान, अक्षांश और देशांतर के आधार पर वैदिक समय और पंचांग की जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। इसमें एक विशेष एनर्जी फीचर भी जोड़ा गया है, जो जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, आत्मिक और कार्मिक ऊर्जा के विश्लेषण का मॉडल प्रस्तुत करता है।

भारतीय विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी-2.0 को भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक तकनीक के मेल का अनूठा प्रयास बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन भारतीय कालगणना को नई तकनीक के माध्यम से आम लोगों तक पहुंचाना और भारतीय विरासत को आधुनिक स्वरूप देना है।

Source: Nishaanebaz

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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