मनगटा रिसॉर्ट: दुर्ग-भिलाई के जुवान मनके नवा ठिकाना मनगटा, जंगल के बीच में बिना अनुमति के 150 से जादा रिसॉर्ट
Managata Resort News : भिलाई। भिलाई के रहने वाली एक ठन नोनी (युवती) के मनगटा के एक रिसॉर्ट में संदेहास्पद मौत के बाद, पूरा इलाका में चलत रिसॉर्ट के कारोबार ऊपर कतकोन सवाल खड़े हो गे हे. वन चेतना केंद्र और प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में बनाए गे मनगटा क्षेत्र में अब 200 से जादा रिसॉर्ट मन चलत हे.
मनगटा वन चेतना केन्द्र के आसा-पासा पिछले डेढ़ दशक में रिसॉर्ट के अइसन जाल बिछ गे हे, जेकर से जंगल के संसो (शांति) और पर्यटन के मूल भावना दुनों खराब होवत हे. सबले गंभीर बात ए अगम आये हे कि ए रिसॉर्ट मनला चलाय बर संबंधित ग्राम पंचायत मन से कोई साफ-सुथरा अनुमति (NOC) नहीं ले गे हे. संचालक मन ह पंचायत से सिर्फ बिजली कनेक्शन और घर बनाय के नाम में NOC लिस, और बाद में ओही जगह ला बड़े-बड़े व्यावसायिक रिसॉर्ट में बदल दारीन.
पत्रिका के पड़ताल में बड़े खुलासा
पत्रिका के पड़ताल में सामने आये हे कि मनगटा, झूराडबरी, मुढ़ीपार और जोरातराई क्षेत्र में 150 से जादा रिसॉर्ट धड़ल्ले से चलत हे. एमन में से जादातर रिसॉर्ट मन ह वन चेतना केन्द्र और जंगल से लगे जमीन मन में बने हे. स्थानीय सूत्र मन के कहना हे कि कतकोन संचालक मन ह रहे बर (आवासीय उपयोग) जमीन और मकान के कागज बनवाइन, जबकि असल मकसद पर्यटन और रिसॉर्ट के बियापार रहीस. ग्राम पंचायत मन से रिसॉर्ट चलाय बर कोई अलग से अनुमति नहीं ले गे हे.
वन्य प्राणी मनके संरक्षण रहीस असली मकसद
वन विभाग ह मनगटा क्षेत्र में चीतल और दूसर जंगली जानवर मनला बचाय और सहेजे के मकसद से वन चेतना केन्द्र बनाय रहीस. बढ़िया घेराबंदी और जंगल के सुघ्घर माहौल के कारण ए जगह ह घुमे-फिरे बर पर्यटक मन के पसंद बन गे. लेकिन इहां मनखे मन के भीड़ ला देखत हुए बहरिया निवेशक और जमीन के दलाल मन ह बड़े पैमाना में जमीन खरीद के रिसॉर्ट बनाना शुरू कर दारीन, और देखते-देखते पूरा इलाका निजी रिसॉर्ट मन से भर गे.
सरकारी जमीन ऊपर कब्जा और साइलेंट जोन में हल्ला-गुल्ला
आरोप हे कि कतकोन रिसॉर्ट संचालक मन ह किसान मन से ओकर जमीन ला कम कीमत में खरीद लिन, और कतको जगह में त सरकारी जमीन ऊपर घलो कब्जा करे के बात बहरिस हे. प्रशासन ह कतकोन बार अतिक्रमण हटाए के कार्रवाई घलो करिस, लेकिन ए अवैध निर्माण ऊपर पूरा लगाम नहीं लग पाइस.
चिंता के बात ए हे कि वन चेतना केन्द्र के आसा-पास के इलाका ला ‘साइलेंट जोन’ (शांत क्षेत्र) माने जाथे. ओकर बाद घलो ए रिसॉर्ट मन में आधा रात तक डीजे, तेज बाजा, दारू पार्टी और कतकोन किसम के कार्यक्रम होते रहिथे. स्थानीय मनखे मन के कहना हे कि एकर से जंगली जानवर मनके रहना-खाना प्रभावित होवत हे और जंगल के सांत वातावरण बिगड़त हे.
नोनी के संदेहास्पद मौत और सुरक्षा ऊपर सवाल
हाल ही में एक रिसॉर्ट में नोनी के संदेहास्पद मौत और दुष्कर्म के मामला ह पूरा क्षेत्र के व्यवस्था ऊपर बड़े सवाल खड़े कर दे हे. महिना दिन पहिले घलो स्वीमिंग पूल के पास करंट लगे से एक झन जुवान लइका के मौत होय रहीस. पड़ताल में ए घलो पता चलिस हे कि कतकोन रिसॉर्ट मन करा फूड सेफ्टी (खाद्य सुरक्षा) के लाइसेंस तक नहीं हे और बिना कोनो सही पहचान पत्र (ID) देखे कमरा मनला किराया में दे दे जाथे. पुलिस ह कतको बार दबिश और समझाइस दे हे, तभो ले अइसन संदेहास्पद गतिविधि मन ऊपर रोक नहीं लग पावत हे.



