लॉकडाउन के आहट! LPG संकट ले फैक्ट्री म लटकिस ताला, रेलवे स्टेशन म मजदूर मन के भीड़, पलायन के नजारा
LPG Crisis India : अमेरिका, इजराइल अउ ईरान के बीच छिड़े जुध के असर अब हमर देस के रसोई अउ उद्योग मन म घलो दिखे बर धर लीस हे। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होय के सेती खाड़ी देस मन ले तेल अउ गैस के सप्लाई रुक गे हे, जेखर ले भारत म LPG के भारी किल्लत हो गे हे। ये संकट एतका बढ़ गे हे कि अब फैक्ट्रियों म ताला लटके बर धर लीस हे अउ मजदूर मन ह फेर ले कोरोना काल जइसन पलायन करे बर मजबूर हो गे हें।
मजदूर मन के घर वापसी मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस ले लेके गुजरात के सूरत अउ राजस्थान के जयपुर स्टेशन तक सिरि़फ मजदूर मन के भीड़ दिखत हे। लोगन मन अपन बोरिया-बिस्तर समेट के यूपी, बिहार अउ बंगाल लउटत हें। मजदूर मन के कहना हे कि फैक्ट्री बंद हो गे हे अउ सहर म सिलेंडर नइ मिलत हे। बाहर ले खाना एतका महँगा हो गे हे कि दिन भर के कमाई पेट भरे म ही निकल जावत हे। ओ मन कर कहना हे कि भूखे मरे ले अच्छा हे कि अपन गाँव लउट जावन, जहाँ कम से कम लकड़ी-पाना म चूल्हा तो जल जाही।
महँगाई अउ कालाबाजारी के मार आर्थिक राजधानी मुंबई म घलो हाहाकार मचे हे। लोगन मन राशन बर नइ, बल्कि एक ठन सिलेंडर बर लाइन म खड़े हें। जउन सिलेंडर 900-1000 रुपिया म मिलत रहिस, ओखर बर कालाबाजारी करइया मन 2500 ले 3000 रुपिया तक वसूलत हें। राजस्थान म कपड़ा, सेरामिक अउ मार्बल के हजारों फैक्ट्री गैस नइ होय के सेती बंद हो गे हें, जेखर ले लाखों मजदूर बेरोजगार हो गे हें।
का ये लॉकडाउन के संकेत हे? स्टेशन म उमड़े भीड़ ला देख के लोगन मन ला कोरोना के ओ डरावना दिन याद आ जावत हे। लोगन मन ला डर हे कि कहूँ ये लॉकडाउन के आहट तो नइ हे। जनता के सासन ले बस एके माँग हे कि जुध दुनिया के कोनो भी कोना म होय, फेर गरीब के घर के चूल्हा नइ बुझना चइही। सरकार ला कालाबाजारी ऊपर लगाम लगाय अउ वैकल्पिक बेवस्था करे के तुरंत जरूरत हे।


