KK Srivastava ED Action : रायपुर स्मार्ट सिटी में ठेका दिलाने करोड़ों की ठगी के आरोपी केके श्रीवास्तव की 3.25 करोड़ की प्रापर्टी अटैच,शेल कंपनियों के जरिए दुबई-हांगकांग-चीन भेजी रकम, जानें पूरा मामला

KK Srivastava ED Action : रायपुर। रायपुर स्मार्ट सिटी में ठेका दिलाने के नाम पर कारोबारी से 15 करोड़ रुपये की ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने खुद को कथित तांत्रिक बताने वाले केके श्रीवास्तव की करीब 3.25 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। एजेंसी ने यह कार्रवाई धन के कथित लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के दौरान की।
ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने संपत्तियों की कुर्की का आदेश जारी किया गया है। एजेंसी ने केके श्रीवास्तव के खिलाफ रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की। ईडी के मुताबिक, मामले में जांच अभी जारी है।
500 करोड़ के प्रोजेक्ट का सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का दावा
ईडी की जांच रायपुर के तेलीबांधा थाने में दर्ज प्राथमिकी और उसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से दाखिल आरोपपत्र के आधार पर शुरू हुई थी। पुलिस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों की जांच कर चुकी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, जून 2023 में केके श्रीवास्तव ने रावत एसोसिएट्स के संचालक को रायपुर स्मार्ट सिटी की करीब 500 करोड़ रुपये की परियोजना में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का दावा किया। इसके लिए 15 करोड़ रुपये की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी मांगी गई। इसके बाद कथित तौर पर पांच बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई।
पांच बैंक खातों में पहुंची 15 करोड़ की रकम
ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया कि जिन खातों में रकम भेजी गई, वे कथित तौर पर संबंधित खाताधारकों की जानकारी के बिना धोखाधड़ी से खोले गए थे। एजेंसी ने यह भी कहा कि संबंधित संस्थाएं अपने पंजीकृत पतों पर मौजूद नहीं मिलीं।
ईडी का आरोप है कि 15 करोड़ रुपये की रकम को अलग-अलग संस्थाओं और खातों के जरिए कई स्तरों पर घुमाया गया। एजेंसी के मुताबिक, इस प्रक्रिया में रकम को वैध कारोबारी लेनदेन जैसा दिखाने की कोशिश की गई।
दुबई, हांगकांग और चीन तक भेजी गई रकम
जांच में ईडी ने कथित तौर पर रकम के विदेश तक पहुंचने की बात कही है। एजेंसी के अनुसार, शेल और मध्यस्थ संस्थाओं के नेटवर्क के जरिए धन को कई स्तरों पर स्थानांतरित किया गया और बाद में माल ढुलाई शुल्क तथा कंटेनर लीजिंग जैसे कारोबारी विवरणों के माध्यम से विदेश भेजा गया।
ईडी के मुताबिक, इन लेनदेन में दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर से जुड़े लाभार्थियों का पता चला। एजेंसी का कहना है कि कुल 15 करोड़ रुपये में से 3.40 करोड़ रुपये पीड़ित को वापस किए गए, जबकि 11.60 करोड़ रुपये की रकम अब तक वापस नहीं हुई है।
30 जुलाई को हुई थी गिरफ्तारी
कृष्ण कुमार श्रीवास्तव को ईडी ने 30 जुलाई 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें ईडी की हिरासत में भेजा था। आधिकारिक ईडी रिकॉर्ड में नौ दिन की हिरासत, यानी 7 अगस्त तक, का उल्लेख है।
अब 22 सितंबर को संपत्तियों की अस्थायी कुर्की और 23 सितंबर को अभियोजन शिकायत दाखिल किए जाने के बाद मामला अगले कानूनी चरण में पहुंच गया है। संपत्ति की यह कुर्की फिलहाल अनंतिम है और मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।
Source: Nishaanebaz


