GPM Elephant Movement: मरवाही पहुंचे 2 हाथी, घुसरिया-कुम्हारी में अलर्ट, जंगल न जाने की मुनादी

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में एक बार फिर हाथियों की दस्तक से ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है। मरवाही वनमंडल के वन परिक्षेत्र मरवाही अंतर्गत सिवनी वृत्त के घुसरिया बीट में मंगलवार, 8 सितंबर की सुबह दो हाथियों के विचरण की सूचना मिली है।
वन विभाग के मुताबिक, मंगलवार सुबह दोनों हाथी घुसरिया परिसर के कक्ष क्रमांक 2051 में विचरण करते पाए गए। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मध्यप्रदेश के जतहरी क्षेत्र से पहुंचे हाथी
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों हाथी मध्यप्रदेश के जतहरी परिक्षेत्र से मरवाही क्षेत्र में पहुंचे हैं। क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के बाद आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। हाथियों के विचरण के दौरान घुसरिया में दो और कुम्हारी में पांच स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
इन इलाकों की ओर बढ़ सकते हैं हाथी
वन विभाग ने दोनों हाथियों की गतिविधियों को लेकर संभावित रूट भी चिह्नित किया है। विभाग के अनुसार, हाथियों के आगे मरवाही परिसर, सिवनी परिसर, नाका परिसर और सचराटोला की ओर जाने की संभावना है। इसे देखते हुए इन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वन विभाग की टीम लगातार कर रही निगरानी
दोनों हाथियों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। वन परिक्षेत्र मरवाही के कर्मचारी हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वन विभाग की टीम हाथियों के संभावित मूवमेंट पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों को भी लगातार जागरूक कर रही है, ताकि हाथियों और इंसानों के बीच किसी तरह का संघर्ष न हो।
ग्रामीणों से जंगल नहीं जाने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में जंगल की ओर न जाएं और हाथियों के करीब जाने की कोशिश न करें। ग्रामीणों को हाथियों से पर्याप्त दूरी बनाए रखने और उनकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर सतर्क रहने की समझाइश दी गई है।
विभाग ने लोगों से यह भी कहा है कि हाथियों को देखने या उनका वीडियो बनाने के लिए उनके नजदीक न जाएं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए वन विभाग के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
Source: Nishaanebaz


