का गोल्ड लोन नइ पटाए ले सचमुच बिक जाथे सोना? नीलामी ले बचे बर अभी पढ़व ये खबर
Gold Loan Default : मुस्किल बखत म घर के सोना ला गिरवी रख के लोन लेना सबले आसान तरीका माने जाथे। हमन ला लगथे कि सोना त बैंक करा सुरक्षित हे, फेर का आप मन जानथव कि अगर किस्ती (EMI) नइ पटईस त का हो सकथे? ये चूक सिरिफ फोन कॉल तक नइ रहय, बल्कि आपके कीमती जेवर मन के नीलामी हो सकथे अउ क्रेडिट स्कोर घलो खराब हो सकथे।
आओ जानथन कि गोल्ड लोन नइ पटाए ले का-का होथे:
चेतावनी अउ रिमाइंडर के दौर
जैसे ही आपके ब्याज या किस्ती के समय निकलथे, बैंक या फाइनेंस कंपनी मन तुरंत सक्रिय हो जाथें। सुरू म आप मन ला फोन, मैसेज अउ ई-मेल के जरिया याद दिलाय जाथे। ये बखत म सिरिफ बकाया ब्याज भर दे ले लोन वापस लाइन म आ जाथे।
ब्याज के बढ़त बोझ
बहुत कन मनखे मन ये गलती करथें कि कुछ महिना तक पइसा नइ पटावन कह के टाल देथें। ओमन ला लगथे कि लोन के रकम ओतके रहिही, फेर असल म ब्याज ऊपर ब्याज (Compounding) जुड़त जाथे। जब आप मन बहुत दिन बाद पटाए बर जाथव, त पता चलथे कि रकम ह बहुत जादा बढ़ गे हे।
लीगल नोटिस अउ नीलामी
अगर आप मन बैंक के बात ला अनसुना कर देथव, त बैंक ह एक ठन ‘लीगल नोटिस’ भेजथे। एम साफ-साफ चेतावनी लिखे रहिथे कि अगर तय समय म पइसा नइ पटिस, त गिरवी रखे सोना ला नीलाम कर दे जाही। ये आखिरी मौका होथे, एकर बाद बैंक ला कानूनी रूप ले सोना बेचे के अधिकार मिल जाथे।
नीलामी के बाद के गणित
सोना ला बेच के जऊन पइसा मिलथे, ओखर ले बैंक अपन लोन अउ ब्याज ला काट लेथे:
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अगर सोना के कीमत लोन ले जादा हे, त बचे पइसा आप ला वापस मिल सकथे।
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फेर अगर सोना के दाम लोन ले कम होगे, त बैंक आप मन ले बाकी पइसा घलो मांग सकथे।
क्रेडिट स्कोर (CIBIL) ऊपर बुरा असर
मनखे मन ला लगथे कि सोना त बैंक करा हे, त सिबिल स्कोर म का फरक पड़ही? फेर ये सोच गलत आय। अगर मामला नीलामी तक चहुँच गे, त आपके क्रेडिट रिपोर्ट खराब हो जाही। एकर ले बाद म आप मन ला कोनो दूसर लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना मुस्किल हो जाही।
सलाह: गोल्ड लोन ला समय म पटाना ही समझदारी आय। अगर कोनो कारन ले आप मन पइसा नइ पटा पावत हव, त बैंक ले जाके बात करव अउ कोनो रस्ता निकालव, फेर चुपचाप झन बैठव।
