दुर्ग कोर्ट में नवा व्यवस्था लागू, कर्मचारी मन ला मिलिस वर्क फ्रॉम होम के सुविधा, आदेश होगे जारी
Chhattisgarh News : भिलाई। दुर्ग जिला के न्यायालय (कोर्ट) में काम करइया कर्मचारी मन बर बड़ खबर हे। अब ओमन ला घर ले काम (वर्क फ्रॉम होम) करे के अनुमति दे दे गे हे। ये नवा नियम ह गरमी के छुट्टी (ग्रीष्मकालीन अवकाश) तक लागू रही।
भारत के सुप्रीम कोर्ट अउ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर के कहे मुताबिक, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग में गरमी के छुट्टी 2026 तक कोर्ट के काम ला बने चलाए बर अउ बिजली-ऊर्जा बचाए बर ‘वर्क फ्रॉम होम’ अउ ‘गाड़ी पूलिंग’ (वाहन पूलिंग) के व्यवस्था लागू करे गे हे। ये नियम ह तुरंतैच ले चालू हो गे हे।
हफ्ता में दो दिन घर ले काम
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के कहे पर हेडक्वार्टर में जतका घलो न्यायिक अधिकारी मन हें, ओमन के एक ठन बैठक होइस। ये बैठक में सुप्रीम कोर्ट अउ हाईकोर्ट के नियम मन ला कइसन ढंग ले लागू करना हे, ओकर ऊपर गोठ-बात होइस। बैठक में कर्मचारी मन बर ये नियम तय करे गिस:
2 दिन के छूट: कोर्ट के अधिकारी मन अपन नीचे काम करइया कर्मचारी मन ला हफ्ता में जादा से जादा दो दिन बर ‘वर्क फ्रॉम होम’ के मंजूरी दे सकिहें।
50% हाजिरी जरूरी: कोर्ट के काम-काज में कोनो बाधा मत आए, एकर सेती हर दिन आफिस अउ कोर्ट में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी मन के रहना जरूरी रही।
फोन चालू रखना रही: जऊन कर्मचारी मन घर ले काम करिहें, ओमन ला आफिस के समे में घर में रहके काम करना पड़ही अउ जरूरत पड़े पर तुरंत आफिस पहुंचे बर फोन में हमेशा हाजिर (उपलब्ध) रहना रही।
जज अउ अधिकारी मन बर ‘वाहन पूलिंग’
पेट्रोल-डीजल बचाए बर अउ साधन मन के बने उपयोग करे बर जम्मो न्यायिक अधिकारी (जज मन) ला ‘वाहन पूलिंग’ अपनाए के निर्देश दे गे हे। मतलब, एक ही कोती जाए बर अलग-अलग गाड़ी के जगह एक संग गाड़ी के इस्तेमाल करना रही। सरकारी गाड़ी मन के उपयोग में ये नियम ला कड़ाई से पालन करे बर कहे गे हे, जेकर ऊपर सबो अधिकारी मन ह सहमति घलो दे हें।



