भ्रष्टाचार के सहकारिता! सात सहकारी बैंकों मं किसान मन के 60 करोड़ के गबन, कार्रवाई मं बाबू मन के नपाई
Cooperative Bank Scam Chhattisgarh : रायपुर। छत्तीसगढ़ मं किसान मन के हित मं बने सहकारिता व्यवस्था मं अब करोड़ों रुपिया के गबन के मामला सामने आए हवय। प्रदेश के सात सहकारी बैंकों मं किसान मन के करीब 60 करोड़ रुपिया के रकम के गड़बड़ी सामने आए हवय। ये रकम किसान मन के खाद-बीज अउ कर्जा से जुड़े रहिस, फेर आरोप हवय कि बैंक के कर्मचारी मन नियम-कायदा ला दरकिनार करके रकम के गबन कर डारे।
मामला सामने आए के बाद विभाग मं हड़कंप मच गे। जांच कराए गे, जेमे कई कर्मचारी अउ अधिकारी के भूमिका सामने आई। फेर कार्रवाई के तरीका ऊपर अब सवाल उठत हवय। गबन के करोड़ों रुपिया के मामला मं सबसे जियादा कार्रवाई क्लर्क, लिपिक, लेखापाल अउ कंप्यूटर ऑपरेटर मन ऊपर होइस। कुछ शाखा प्रबंधक अउ प्रभारी शाखा प्रबंधक मन ऊपर घलो कार्रवाई करे गे हवय, फेर संख्या काफी कम बताई जात हवय।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के कहना हवय कि भ्रष्टाचार के जांच मं जेन-जेन लोग दोषी पाए गे हवंय, ओमन के खिलाफ कार्रवाई करे गे हवय।
सात सहकारी बैंकों मं करीब 60 करोड़ के गबन
छत्तीसगढ़ मं किसान मन बर चलाए जा रहे सहकारिता व्यवस्था मं गड़बड़ी के ये मामला काफी गंभीर बताय जा रहिस। सात सहकारी बैंकों के अलग-अलग शाखा मं किसान मन के करीब 60 करोड़ रुपिया के रकम मं गड़बड़ी सामने आई हवय।
आरोप हवय कि किसान मन के कर्जा के रकम जमा नइ करे, दूसर मनखे के नाम मं लोन लेके, खाद-बीज के रकम मं नगद आहरण अउ कैश शॉर्टेज जइसन तरीका अपनाके रकम के गबन करे गे। जांच के बाद कई कर्मचारी अउ अधिकारी दोषी पाए गे, फेर कार्रवाई मं निचला स्तर के कर्मचारी मन के संख्या जियादा हवय।
कऊन-कऊन सहकारी बैंक मं कतका गबन
- जिला सहकारी बैंक रायपुर: 6 शाखा मं 5 करोड़ 66 लाख रुपिया
- जिला सहकारी बैंक दुर्ग: 2 शाखा मं 2 करोड़ 11 लाख रुपिया
- जिला सहकारी बैंक राजनांदगांव: 4 शाखा मं 18 लाख रुपिया
- जिला सहकारी बैंक बिलासपुर: 3 शाखा मं 28 लाख रुपिया
- जिला सहकारी बैंक जगदलपुर: कोंडागांव शाखा मं 30 हजार रुपिया
- जिला सहकारी बैंक अंबिकापुर: 7 शाखा मं 32 करोड़ 61 लाख रुपिया
- छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक: बमरकेला शाखा मं 18 करोड़ 13 लाख रुपिया
50 कर्मचारी मन ऊपर कार्रवाई
गबन के मामला मं करीब 50 क्लर्क, लेखापाल अउ कंप्यूटर ऑपरेटर मन ऊपर कार्रवाई करे गे हवय। कुछ कर्मचारी मन ला पद ले अलग कर दे गे हवय, जबकि कुछ मामला मं जांच अभी चलत हवय।
वहीं सिर्फ 13 शाखा प्रबंधक या प्रभारी शाखा प्रबंधक मन ऊपर कार्रवाई के जानकारी सामने आई हवय। एही बात ला लेके अब सवाल उठत हवय कि करोड़ों रुपिया के गबन मं का सिर्फ निचला स्तर के कर्मचारी ही जिम्मेदार रहिन?
पुलिस केस से लेके ACB-EOW तक जांच
गबन के कुछ मामला मं पुलिस केस दर्ज हो चुके हवंय। कुछ मामला के जांच ACB अउ EOW ला सौंपे गे हवय। आरोप हवय कि किसान मन के कर्जा के रकम जमा नइ करके, दूसर मनखे के नाम मं लोन लेके, खाद-बीज मं नगद आहरण अउ कैश शॉर्टेज के जरिए गड़बड़ी करे गे।
अब सबसे बड़ा सवाल ये हवय कि किसान मन के करीब 60 करोड़ रुपिया के गबन मं का सिर्फ बाबू मन के ही जिम्मेदारी तय होही, या फेर पूरा व्यवस्था के निगरानी करे वाले अधिकारी मन के जवाबदेही घलो तय होही? करोड़ों रुपिया के ए खेल मं ऊपर ले नीचे तक कऊन-कऊन जिम्मेदार रहिन, ये साफ होना अभी बाकी हवय।



