टू-सिंगल लेन सड़क मन घलो मशीन ले बने स्वच्छः टॉप 3 लक्ष्य
छत्तीसगढ़ मं स्वच्छता के क्षेत्र मं नवां दिशा मिलत हे। अब सिर्फ बड़े मार्ग, बहु-लेन वाला रोड एही सफाई के दायरा मं नइ हवंय, बल्कि “टू लेन” अउ “सिंगल लेन” वाला सड़क मन घलो मशीन से बड़े पैमाने मं साफ करे जाही—ए बात सरकार के टॉप थ्री स्वच्छता लक्ष्य मं रखे गे हवय।
पहिली बात ये आय कि जब सड़क मन नियमित रूप ले साफ होहीं, त ना सिर्फ सड़क के लुक सुधरही बल्कि धुल-मिट्टी, गंदा पानी, कीचड़ के समस्या घलो कम हो जाही। एही से जनता के स्वास्थ्य मं सुधार होही, दुर्घटना के संभावना घटी जाही अउ शहर-गांव दुनों मं यातायात सुगम होही।
दूजी बात ये आय कि मशीन द्वारा सफाई के मतलब हे कि काम जल्दी, सहज अउ स्थायी रूप मं हो सकय। पारंपरिक ढंग ले जहाँ लोग हाथ ले, झाड़ू-फावड़ा ले सफाई करत रहिन, ओहाँ अब आधुनिक मशीनरी ले सड़क मं जमा गंदगी, धूल, राह में पड़े कचरा मन ला निकाले जाही। ए हमर प्रशासन के सक्षम निर्णय के बढ़िया उदाहरण आय।
तेजी बात ये आय कि जब छोटे-सड़क मन घलो सफाई के दायरे मं आ जाहीं, त स्वच्छता के दायरा बड़ेगा। अक्सर छोटे-रोड, गलियाँ, मोहल्ला-मार्ग मन लउकत नइ पावत रहिं कि समय पर सफाई हो पाए। अब मशीन ले नियमित सफाई होही त मोहल्ला-मण्डली मं भी गंदगी-बनाबट कम होही, राह-गुजर आसान होही।
ए प्रकार ले, सरकार के टॉप थ्री सफाई लक्ष्य मं इस तरह के कदम एक ठोस संकेत आय कि स्वच्छ भारत-स्वच्छ छत्तीसगढ़ के दिशा मं रोज-दिन काम होवत हवय। जनता के सहयोग, स्थानीय निकाय के समर्पण अउ मशीनरी के उपयोग आपस मं मिलके ए मिशन के सफल बनाही।
अउ अंत मं कहिबो त, जब सड़क मन साफ रहहीं, तब हमर जीवन-शैली घलो साफ-सुथरा हो जाही। ए नई पहल के संग हम सब ला जागरूक रहके अपन-अपन मोहल्ला, अपन-अपन सड़क के प्रति जिम्मेदारी लेय ला चाही। मशीन हो या मानव, मूल बात हे स्वच्छता-भाव बनाय रखना।




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