छत्तीसगढ़ के स्कूल मन मा अब गूंजही राष्ट्रगान, राज्यगीत अउ भोजन मंत्र; शिक्षा विभाग ह जारी करिस कड़ा निरदेस
chhattisgarh school new schedule : रायपुर, 13 जून 2026। छत्तीसगढ़ के सरकारी अउ निजी स्कूल मन मा अब लइका मन ला पढ़ाई के संग-संग नैतिक मूल्य, राष्ट्रीय चेतना अउ भारतीय संस्कृति ले गहिरा ले जोड़े जाही। स्कूल शिक्षा विभाग ह नवा शिक्षा सत्र 2026-27 ले प्रदेश के जम्मो स्कूल मन मा राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, राज्यगीत के संग अलग-अलग सांस्कृतिक अउ शैक्षणिक काम मन ला रोज दिन अउ अनिवार्य रूप ले चलाए के कड़ा निरदेस जारी करे हे। मंत्रालय महानदी भवन (नवा रायपुर) ले जारी ए आदेस के तहत जम्मो जिला शिक्षा अधिकारी (DEOs) मन ला अपन-अपन इलाका मा ए व्यवस्था ला तुरंत लागू करे के जिम्मा सौंपे गे हे।
तीन पालो मा बंटे रही शेड्यूल- बिहनिया ले संझा तक के पूरा टाइम-टेबल
विभाग कोति ले जारी नियम के मुताबिक, स्कूल मन मा अब हर दिन तीन अलग-अलग समे मा तय करे गे करम के हिसाब ले कार्यक्रम होही:
बिहनिया के समे (प्रार्थना सभा): स्कूल सुरू होय के समे बिहनिया के प्रार्थना सभा मा करम से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, दीपमंत्र, सरस्वती वंदना, गुरु मंत्र अउ महापुरुष मन के जीवनी ला पढ़ के सुनाए जाही।
मझनिया के समे (लंच टाइम): मझनिया के अऊका (मध्यान्ह भोजन) के समे जम्मो लइका मन एक संग मिलके भोजन मंत्र पढ़िहीं।
संझा के समे (छुट्टी के टाम): स्कूल के छुट्टी होय के समे संझा के सत्र मा राज्यगीत, गायत्री मंत्र अउ शांति मंत्र के सामूहिक पाठ कराए जाही।
लइका मन के बौद्धिक अउ नैतिक विकास आय मुख्य उदेस
स्कूल शिक्षा विभाग के मानना हे कि ए जम्मो काम मन ला रोज दिन अउ सही तरीका ले कराए ले लइका मन मा देसप्रेम अउ अनुशासन के भावना मजबूत होही, संग मा ओकर मन के भीतर नैतिक मूल्य अउ सांस्कृतिक चेतना के घलो सही विकास होही। ए कोसिस लइका मन ला हमर भारतीय परंपरा अउ राष्ट्रीय मूल्य मन ले जान-पहचान कराए मा मील के पत्थर साबित होही।
लापरवाही करे मा होही कड़ा कारबाही
ससकार ह साफ कहि दे हे कि जम्मो जिला शिक्षा अधिकारी मन ला रोज दिन स्कूल मन के अचानक जांच (औचक निरीक्षण) करे बर पडही अउ ए देखना पडही कि ए नियम मन के कड़ाई ले पालन होवत हे कि नहीं। तय करे गे करम मा कोनो घलो कमी पाए जाय मा संबंधित स्कूल प्रबंधन या प्रिंसिपल मन के खिलाफ प्रशासनिक कारबाही घलो करे जा सकत हे।



