राजधानी रायपुर के स्कूल मन के तीर-तखार मा खुलेआम बिकावत हे नशा, विभाग के ढिलाई ले सुस्त पड़िस अभियान
Chhattisgarh Nasha Mukt Vidyalaya : रायपुर। छत्तीसगढ़ मा नवा पढ़ई-लिखई के बछर सुरू होतेच शिक्षा विभाग ह एक पइत अउ स्कूल मन ला ‘नशामुक्त विद्यालय’ बनाए के हुकुम जारी करे हे। समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय ह सबो जिला शिक्षा अधिकारी अउ जिला मिशन समन्वयक मन ला स्कूल मन के पंजीयन अउ स्व-मूल्यांकन ‘नशा मुक्त विद्यालय’ पोर्टल मा अनिवार्य रूप ले करे बर कहे हे। एकर संग-संग स्कूल मन के 500 मीटर के घेरा मा ड्रग-फ्री जोन के साइन बोर्ड लगाए के घलो निर्देश दिए गे हे। फेर जमीनी हकीकत ह ये सब दावा मन ले एकदम अलग नजर आवत हे।
57 हजार स्कूल मा सिर्फ 151 के पंजीयन
विभागीय आंकड़ा मन के मुताबिक प्रदेश मा जम्मो 57,036 स्कूल हवें, फेर अभी तक खाली 151 स्कूल मन ह ‘नशा मुक्त विद्यालय’ पोर्टल मा अपन पंजीयन कराए हवें। एमा ले घलो सिर्फ 37 स्कूल मन ह अपन-आप ला ‘नशामुक्त विद्यालय’ घोषित करे हवें। ये आंकड़ा ह साफ बतावत हे कि विभाग के हुकुम के पालन कतेक सुस्त चाल ले चलत हे।
पंजीयन अउ स्व-मूल्यांकन अनिवार्य
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा अउ साक्षरता विभाग के योजना के तहत सबो सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी अउ आवासीय स्कूल मन ला पोर्टल मा पंजीयन करके स्व-मूल्यांकन के काम पूरा करना हे। एकर सिवाय हर जिला मा नोडल अधिकारी तय करे अउ ओकर जानकारी राज्य कार्यालय ला भेजे के निर्देश दिए गे हे।
हर बछर आवत हे आदेश, फेर जमीन मा असर नइ दिखे
प्रदेश मा बछरों ले स्कूल परिसर अउ ओकर आसपास नशा मा रोक लगाए बर अभियान चलाए जात हे। स्कूल मन के आसपास सुरक्षा सीमा अउ जागरूकता बर कतोक निर्देश जारी होइन, फेर जादातर योजना मन कागज़ अउ फाइल मन मा ही सिमट के रह गइन। न त बढ़िया ले निगरानी के व्यवस्था हो पाइस अउ न ही नियम मन के कड़ाई ले पालन हो पाइस।
राजधानी मा ही स्कूल मन के तीर-तखार मा बिकावत हे नशा
नशामुक्त विद्यालय अभियान के सबले बड़े चुनौती राजधानी रायपुर मा ही दिखत हे। कतोक स्कूल मन के आसपास खुलेआम नशीला जिंस मन के बिक्री के शिकायत आवत रहिथे, फेर संबंधित विभाग मन कोती ले कोनो ठोस कारवाही नइ दिखे। स्थानीय लोगन मन के कहना हे कि स्कूल मन के तीर-तखार मा नियमित जांच अउ निगरानी के व्यवस्था बने बिना अइसन अभियान मन के मकसद पूरा नइ हो सकै।
कागज़ ले बाहर निकले के हे जरूरत
एक कोती शिक्षा विभाग ह स्कूल मन के 500 मीटर के दायरा ला ड्रग-फ्री जोन बनाए के गोठ करत हे, त दूसर कोती जमीनी स्तर मा अभियान के काम बहुत धीरे चलत हे। जानकार मन के मानना हे कि खाली आदेश निकाले ले काम नइ बने, बल्कि रोज-दिन के जांच, स्थानीय प्रशासन के कड़ाई अउ जागरूकता अभियान ले ही स्कूल मन ला सही मायने मा नशामुक्त बनाए जा सकही। अभी के स्थिति मा ये अभियान ह खाली कागजी प्रक्रिया बनके रह गे हे।



