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Cg News: मशरूम यूनिट में काम के लिए ले जाए जा रहे 16 बच्चे रेस्क्यू, नियोक्ता गिरफ्तार, बैगा जनजाति के हैं बच्चे इसमें से 7 नाबालिग

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Cg News: मशरूम यूनिट में काम के लिए ले जाए जा रहे 16 बच्चे रेस्क्यू, नियोक्ता गिरफ्तार, बैगा जनजाति के हैं बच्चे इसमें से 7 नाबालिग

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34897-mushroom-unit-child-labour-rescue-16-children-employer-arrested-7-minors-baiga-tribe-in-raipur Cg News: मशरूम यूनिट में काम के लिए ले जाए जा रहे 16 बच्चे रेस्क्यू, नियोक्ता गिरफ्तार, बैगा जनजाति के हैं बच्चे इसमें से 7 नाबालिग

child-labour-rescue: रायपुर/दुर्ग। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा बाल तस्करी और बाल श्रम का मामला टल गया है। सूचना मिलने के महज डेढ़ घंटे के भीतर स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) दुर्ग और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने एक बस को रोककर 16 बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। इनमें 7 नाबालिग शामिल हैं। मामले में नियोक्ता लक्ष्मण पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

सूचना मिलते ही हरकत में आया आयोग

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा को 5 अगस्त की शाम ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ से सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को रायपुर से बस के जरिए बाल श्रम के लिए अन्यत्र ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही आयोग ने बिना देर किए सजेपीयू दुर्ग और चाइल्ड हेल्पलाइन के साथ मिलकर एक संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। महज डेढ़ घंटे के भीतर, लगभग रात 8:30 बजे, संदिग्ध बस को रोककर सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बैगा जनजाति के हैं बच्चे, मशरूम यूनिट में होना था काम

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई कि इन बच्चों को दुर्ग जिले के कचन्दूर स्थित ‘मॉडर्न एग्रो मशरूम यूनिट’ में मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था। बस में कुल 16 बच्चे सवार थे, जिनमें से 7 की उम्र 14 से 16 वर्ष के बीच है। ये सभी बच्चे छत्तीसगढ़ के विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति से ताल्लुक रखते हैं। इनमें कुछ बच्चे राजनांदगांव जिले और कुछ कबीरधाम जिले के निवासी हैं। सभी बच्चों को फिलहाल सुरक्षित बाल आश्रय गृह में रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग और स्वास्थ्य परीक्षण जैसी आवश्यक देखभाल की जा रही है।

आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने स्पष्ट किया है कि बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण से जुड़े मामलों में आयोग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जाएगी और इस अवैध कार्य में यदि अन्य लोगों की भी संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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