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CG Crime : उधारी चुकाने पहुंचे तो थमा दिए 4.50 लाख के नकली नोट, तीन आरोपी गिरफ्तार

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CG Crime : उधारी चुकाने पहुंचे तो थमा दिए 4.50 लाख के नकली नोट, तीन आरोपी गिरफ्तार

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35397-untitled CG Crime : उधारी चुकाने पहुंचे तो थमा दिए 4.50 लाख के नकली नोट, तीन आरोपी गिरफ्तार

CG Crime : कबीरधाम। जिले में नकली नोटों का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने नकली करेंसी तैयार कर उसे बाजार में चलाने की तैयारी कर रहे गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने उधारी की रकम लौटाने के बहाने 4.50 लाख रुपए के नकली नोट थमा दिए थे।

मामला बोड़ला थाना क्षेत्र की पोंडी पुलिस चौकी का है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 12.50 लाख रुपए के नकली नोट, कलर प्रिंटर, मोबाइल फोन और एक टाटा पंच ईवी जब्त करने का दावा किया है। मामले की जानकारी मंगलवार को कवर्धा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने दी।

3.75 लाख की उधारी, बदले में दिए नकली नोट

पुलिस के अनुसार, ग्राम कमराखोल निवासी दिनेश कुमार यादव ने अप्रैल 2026 में घुरवा राम को 3.75 लाख रुपए उधार दिए थे। रकम वापस करने को लेकर दोनों के बीच एग्रीमेंट भी हुआ था। जब दिनेश ने उधार की रकम वापस मांगी तो घुरवा राम ने सतीश कुमार के जरिए पैसे भेजने की बात कही। इसके बाद 9 अगस्त की रात दिनेश को पोंडी शराब भट्ठी के पास बुलाया गया। वह अपने परिचित कैलाश चंद्रवंशी के साथ वहां पहुंचा।कुछ देर बाद सतीश कुमार एक अन्य व्यक्ति के साथ काले रंग का बैग लेकर वहां पहुंचा। बैग में 500 रुपए के नोट थे। नोटों को देखने के बाद दिनेश को उनकी असलियत पर शक हुआ। जांच करने पर पता चला कि बैग में रखी 4.50 लाख रुपए की रकम नकली थी। इसके बाद दिनेश ने 10 अगस्त को पोंडी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई।

पूछताछ के बाद सामने आया नकली नोट छापने का नेटवर्क

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सतीश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में नकली नोट तैयार करने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने तालपुर निवासी रामप्रसाद उर्फ रमऊ और कान्हाभैरा निवासी घुरवा राम को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी जुलाई 2026 से कवर्धा के नए बस स्टैंड के पास किराए के कमरे में नकली नोट तैयार कर रहे थे।

कलर प्रिंटर से तैयार किए जा रहे थे नकली नोट

जांच में पुलिस को पता चला कि 13 जुलाई को रामप्रसाद और सतीश ने एक कलर प्रिंटर खरीदा था। इसके बाद रामप्रसाद ने एक कमरा किराए पर लिया। आरोप है कि इसी कमरे में रामप्रसाद और घुरवा राम की मदद से नकली नोट तैयार किए जाने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग जगहों से नकली नोट बरामद किए हैं। सतीश कुमार के कब्जे से 2 लाख रुपए, रामप्रसाद उर्फ रमऊ से 4.50 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए गए। रामप्रसाद के पास से प्रिंटर, मोबाइल और टाटा पंच ईवी भी जब्त की गई है। वहीं घुरवा राम के कब्जे से 1.50 लाख रुपए के नकली नोट मिलने की बात पुलिस ने कही है। इसके अलावा दिनेश कुमार यादव को उधारी चुकाने के नाम पर दिए गए 4.50 लाख रुपए के नकली नोट भी पुलिस ने बरामद कर लिए। इस तरह पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई में कुल 12.50 लाख रुपए के नकली नोट जब्त किए गए हैं।

बाजार में नकली नोट खपाने की थी तैयारी

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर नकली नोट तैयार करने के बाद उन्हें बाजार में असली करेंसी की तरह चलाने की तैयारी कर रहे थे। उधारी की रकम लौटाने के नाम पर नकली नोट देना भी इसी योजना का हिस्सा बताया जा रहा है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जुलाई से अब तक आरोपियों ने कितनी नकली करेंसी तैयार की, इसमें से कितनी रकम बाजार में खपाई गई और इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच और पूछताछ कर रही है।

Source: Asian News Bharat

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मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Asian News Bharat
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