होम › Technology › फिल्म शुरू होने से पहले 17 मिनट विज्ञापन दिखाना PVR को पड़ा महंगा, कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया ₹75 हजार जुर्माना
Technology

फिल्म शुरू होने से पहले 17 मिनट विज्ञापन दिखाना PVR को पड़ा महंगा, कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया ₹75 हजार जुर्माना

WhatsApp Facebook
फिल्म शुरू होने से पहले 17 मिनट विज्ञापन दिखाना PVR को पड़ा महंगा, कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया ₹75 हजार जुर्माना

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

40419-pvr फिल्म शुरू होने से पहले 17 मिनट विज्ञापन दिखाना PVR को पड़ा महंगा, कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया ₹75 हजार जुर्माना

हैदराबाद। सिनेमा शुरू होने से पहले लंबे समय तक विज्ञापन और ट्रेलर दिखाना PVR सिनेमाज को भारी पड़ गया है। हैदराबाद जिला कंज्यूमर विवाद निवारण आयोग ने एक मामले में PVR पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। मामला फिल्म शुरू होने में हुई देरी को लेकर दायर की गई शिकायत से जुड़ा है।


17 मिनट देरी से शुरू हुई फिल्म

मामला हैदराबाद के एक वकील से जुड़ा है, जिन्होंने PVR सिनेमाज में रात 10:35 बजे के शो के लिए दो टिकट बुक किए थे। शिकायतकर्ता समय पर थिएटर पहुंचकर अपनी सीट पर बैठ गए, लेकिन फिल्म शुरू होने से पहले लगातार विज्ञापन और ट्रेलर चलते रहे।

आरोप के मुताबिक, फिल्म तय समय से करीब 17 मिनट देर से शुरू हुई, जिसकी वजह से उनका पूरा शेड्यूल प्रभावित हुआ और उन्हें देर रात घर पहुंचना पड़ा।


वकील ने उपभोक्ता आयोग में की शिकायत

शिकायतकर्ता ने दलील दी कि सिनेमा हॉल में टिकट खरीदने वाले दर्शकों को तय समय पर फिल्म देखने की सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिरिक्त समय तक व्यावसायिक विज्ञापन दिखाकर दर्शकों को असुविधा पहुंचाई गई।

इसके बाद उन्होंने हैदराबाद जिला कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज कराई और परेशानी, असुविधा और कानूनी खर्च के लिए मुआवजे की मांग की।


PVR ने दिया कारोबार के अधिकार का तर्क

मामले में PVR की ओर से कहा गया कि फिल्म से पहले विज्ञापन, ट्रेलर और जनहित संदेश दिखाना सिनेमा संचालन का हिस्सा है। कंपनी ने तर्क दिया कि यह उसके व्यापारिक अधिकार के अंतर्गत आता है।

PVR ने यह भी कहा कि दिखाए गए संदेशों में जनहित से जुड़े विषय शामिल थे, इसलिए इसे सेवा में कमी नहीं माना जा सकता।


आयोग ने माना अनुचित व्यापारिक व्यवहार

कंज्यूमर आयोग ने PVR की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि निर्धारित सीमा से अधिक समय तक विज्ञापन दिखाना दर्शकों के लिए असुविधा पैदा करता है और इसे अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना जा सकता है।

आयोग ने PVR को शिकायतकर्ता को हुई परेशानी के लिए 20 हजार रुपये मुआवजा, 5 हजार रुपये मुकदमे के खर्च और 50 हजार रुपये दंडात्मक हर्जाने के रूप में भुगतान करने का आदेश दिया।


भविष्य में ऐसी गतिविधि रोकने के निर्देश

आयोग ने PVR को भविष्य में इस तरह की गतिविधियों से बचने के निर्देश भी दिए हैं। आदेश के मुताबिक जुर्माने की राशि जिला उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराई जाएगी।

यह फैसला सिनेमा दर्शकों के अधिकार और टिकट लेकर फिल्म देखने वाले उपभोक्ताओं की सुविधा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
मूल लेख पढ़ें ↗
दोस्तों के साथ साझा करें
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)