छत्तीसगढ़ के 40 लाख किसान मन बर बड़े खबर, अब मोबाइल म मिलही ‘डिजिटल किसान किताब’ अउ ‘ऋण पुस्तिका’
रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसान मन बर आज सरकार ह एक बहुत बड़े अउ सुघ्घर सुविधा के शुरुआत करे हे। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ह अपन निवास कार्यालय म ‘डिजिटल किसान किताब’ के औपचारिक शुभारंभ करिन। अब किसान मन ल अपन खेत-खार के जानकारी अउ ऋण पुस्तिका बर तहसील या पटवारी के चक्कर काटे के जरूरत नहीं पड़ही। ये डिजिटल व्यवस्था ले प्रदेश के लगभग 40 लाख किसान मन ल सीधा फायदा मिलही।
का-का होही फायदा? अब किसान मन ल पारंपरिक हाथ ले लिखे वाला ऋण पुस्तिका के जगह डिजिटल कॉपी मिलही। ये सुविधा ‘भुइयां’ पोर्टल म B-1 अउ P-II रिपोर्ट के साथ उपलब्ध रहिही, जेला किसान मन कभु घलो देख सकिहें अउ डाउनलोड कर सकिहें। डिजिटल होय के सेती अब जम्मो जानकारी अपने-आप अपडेट होत रहिही, जेकर से गलती के गुंजाइश कम हो जाही। पटवारी के डिजिटल साइन वाला ये कागजात जम्मो सरकारी काम अउ बैंक ले लोन ले बर घलो मान्य रहिही।
राजस्व व्यवस्था म आही पारदर्शिता ये मौका म मंत्री वर्मा ह कहिन कि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य हे अउ किसान मन ल सशक्त बनाना सरकार के पहिली प्राथमिकता हे। डिजिटल किसान किताब ले राजस्व व्यवस्था म पारदर्शिता आही अउ बिचौलिया मन के डर खत्म हो जाही। एखर ले किसान मन ल बैंक ले फसल लोन अउ सरकारी योजना मन के लाभ ले म आसानी होही। ये पहल ले ‘डिजिटल छत्तीसगढ़’ के सपना ल नवा उड़ान मिलही। कार्यक्रम म संचालक भू-अभिलेख विनीत नन्दनवार अउ विभाग के बड़े अधिकारी मन घलो मौजूद रिहिन।



