बस्तर के 92 गांव मं पहली बार फहराही तिरंगा, बदलत बस्तर के दिखही नवा तस्वीर
Bastar Independence Day : बस्तर। आजादी के 79 साल बाद बस्तर के 92 गांव मं पहली बार स्वतंत्रता दिवस के मौका मं तिरंगा फहराही। लंबे समय तक नक्सली हिंसा के चलते जिहां राष्ट्रीय पर्व मनाना मुश्किल रहिस, ओही गांव मन मं अब तिरंगा शान ले लहराही। ये ध्वजारोहण बस्तर मं लौटत शांति, लोकतंत्र अउ विकास के नवा शुरुआत के प्रतीक माने जा रहे हे।
ए बछर बस्तर संभाग के बीजापुर, सुकमा अउ नारायणपुर जिला के कुल 92 गांव मं स्वतंत्रता दिवस के सार्वजनिक कार्यक्रम होही। बीजापुर के 33 गांव, सुकमा के 50 गांव अउ नारायणपुर के 9 गांव ए मं शामिल हवंय।
चार दशक बाद बदले हवय गांव मन के माहौल
बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाका मं कई दशक तक स्वतंत्रता दिवस अउ गणतंत्र दिवस जइसन राष्ट्रीय पर्व मनाना आसान नइ रहिस। सुरक्षा के कारण कई गांव मं प्रशासन के पहुंच सीमित रहिस। ग्रामीण मन घलो डर के माहौल मं खुलके राष्ट्रीय कार्यक्रम मं शामिल नइ हो पावत रहिन।
अब सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होय, प्रशासनिक पहुंच बढ़े अउ विकास के काम गांव तक पहुंचत जावत हे। एखर ले इलाका के माहौल मं लगातार बदलाव देखे बर मिलत हे।
ताड़मेटला से टेकलगुड़ेम तक दिखत हे बदलाव
ताड़मेटला, सिलगर, टेकलगुड़ेम, धरानी बोदली अउ एर्राबोर जइसन इलाका एक समय नक्सली हिंसा बर पहिचान जावत रहिन। अब इही इलाका मन मं शांति अउ सामान्य जिंदगी के तस्वीर नजर आवत हे।
जिहां पहिली डर के माहौल रहिस, ओहिच जगह मं अब गांव के लोगन मं तिरंगा फहराए के उत्साह देखे बर मिलत हे। ग्रामीण मन बर अपन गांव मं पहिली बार राष्ट्रध्वज फहराना गर्व के बात हे।
92 गांव मं पहली बार होही ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस के दिन बीजापुर, सुकमा अउ नारायणपुर के 92 गांव मं प्रशासन अउ सुरक्षा बल के मौजूदगी मं कार्यक्रम आयोजित होही। ए दौरान तिरंगा फहराय जाही अऊ राष्ट्रगान के संग स्वतंत्रता दिवस मनाय जाही।
ए पहल ल सिरिफ एक राष्ट्रीय पर्व के आयोजन नइ, बल्कि बस्तर मं शांति, सुरक्षा अउ लोकतंत्र के मजबूत होवत तस्वीर के रूप मं देखे जा रहे हे।
शहीद जवान मन के नाम ले जुड़ही स्कूल अउ सार्वजनिक जगह
बस्तर मं शांति कायम करे के दौरान शहीद होय सुरक्षा बल के जवान मन के बलिदान ल सम्मान दे बर घलो खास पहल करे के बात कही गे हे। संभाग के 500 ले जियादा स्कूल, सामुदायिक भवन, चौक-चौराहा अउ दूसर सार्वजनिक संस्थान मन के नाम शहीद जवान मन के नाम ले रखे जाही।
एखर मकसद नवा पीढ़ी ल जवान मन के साहस, बलिदान अउ देश सेवा के बारे मं जानकारी देना अऊ ओमन ले प्रेरणा दिलाना हे।
तिरंगा बनही बदलत बस्तर के पहचान
बस्तर के इन गांव मं स्वतंत्रता दिवस के मौका मं पहली बार तिरंगा फहराना क्षेत्र मं होवत बदलाव के एक महत्वपूर्ण संकेत हे। लंबे समय तक हिंसा से प्रभावित इलाका मन मं अब प्रशासन के पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था अउ विकास के काम बढ़त हे।
ए मौका मं गांव के लोग तिरंगा ल सलामी देके देश बर बलिदान देय शहीद जवान मन ल श्रद्धांजलि देही। बस्तर के 92 गांव मं होवत ए आयोजन शांति अउ सामान्य जीवन के दिशा मं बढ़त एक नवा कदम के रूप मं देखे जा सकथे।



