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Bank Strike Today: देशभर में आज बैंकों की हड़ताल, 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े बैंककर्मी, 3 दिन बंद रहेंगी शाखाएं

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Bank Strike Today: देशभर में आज बैंकों की हड़ताल, 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े बैंककर्मी, 3 दिन बंद रहेंगी शाखाएं

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38571-bank-strike-today-11-september-2026-5-day-working-demand Bank Strike Today: देशभर में आज बैंकों की हड़ताल, 5-डे वर्किंग की मांग पर अड़े बैंककर्मी, 3 दिन बंद रहेंगी शाखाएं

नई दिल्ली/रायपुर। देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए आज यानी 11 सितंबर 2026 का दिन अहम है। SBI, PNB और यूनियन बैंक समेत कई सरकारी और कुछ निजी बैंकों के कर्मचारी एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल पर हैं। बैंक यूनियनें लंबे समय से 5-डे वर्किंग यानी सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रही हैं।

आज की हड़ताल के बाद 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार और 13 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाएं लगातार तीन दिन बंद रहेंगी। ऐसे में ब्रांच जाकर बैंकिंग काम कराने वाले ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, हड़ताल के दौरान UPI, ATM और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। बैंकों की ओर से ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी काम संभव हो तो डिजिटल माध्यम से निपटाएं।

11 सितंबर को क्यों हो रही है बैंक हड़ताल?

बैंक यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।

यूनियनों का कहना है कि मार्च 2024 में हुए द्विपक्षीय समझौते के बाद भी 5-डे वर्किंग लागू करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी है और इसी में हो रही देरी को लेकर बैंक कर्मचारी संगठन नाराज हैं।

9 सितंबर को भी UFBU ने हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला बरकरार रखा था। इसके बाद 11 सितंबर की हड़ताल तय कार्यक्रम के मुताबिक जारी है।

5-डे वर्किंग की मांग क्या है?

बैंक कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि बैंकिंग क्षेत्र में कामकाज सोमवार से शुक्रवार तक हो और शनिवार तथा रविवार को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। यूनियनों के मुताबिक, 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर मार्च 2024 के द्विपक्षीय समझौते में सहमति बन चुकी है। लेकिन इसे लागू करने के लिए जरूरी सरकारी मंजूरी अब तक नहीं मिल सकी है। यही वजह है कि बैंक यूनियनें इस मुद्दे को लेकर लगातार दबाव बना रही हैं।

PLI और पेंशन के मुद्दे भी शामिल

5-डे वर्किंग के अलावा बैंक कर्मचारियों की कुछ अन्य मांगें भी आंदोलन का हिस्सा हैं। इनमें Performance Linked Incentive (PLI) व्यवस्था को लेकर आपत्तियां प्रमुख हैं।

UFBU ने PLI से जुड़े नियमों में बदलाव और कर्मचारियों के बीच संभावित असमानता को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा पेंशन से जुड़े मुद्दे और अन्य लंबित कर्मचारी मांगों को भी यूनियनों ने उठाया है। हड़ताल से पहले यूनियनों और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।

8 और 9 सितंबर की बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात

AIBEA के 10 सितंबर के अपडेट के मुताबिक, 8 और 9 सितंबर को हुई बातचीत के बावजूद 11 सितंबर की हड़ताल वापस लेने पर सहमति नहीं बन सकी। यदि आने वाले दिनों में सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आंदोलन को और बड़ा किया जा सकता है।

आगे कब-कब होगी बैंक हड़ताल?

UFBU ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का कार्यक्रम घोषित किया है।

11 सितंबर 2026: एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल

28, 29 और 30 सितंबर 2026: तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल

26 अक्टूबर 2026 से: मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल

बैंक बंद रहने से ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं और कार्यालयों में सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। कैश जमा करने, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट, शाखा स्तर की पूछताछ और अन्य आमने-सामने वाली सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।

हालांकि, ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। SBI समेत कई बैंकों ने हड़ताल के संभावित प्रभाव की जानकारी देते हुए कहा है कि सामान्य कामकाज को बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल बैंक यूनियनें 5-डे वर्किंग समेत अपनी प्रमुख मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन से समाधान चाहती हैं। बातचीत से अगर कोई रास्ता नहीं निकलता है तो सितंबर के अंत में तीन दिन की हड़ताल और फिर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति बन सकती है।

Source: Nishaanebaz

Nishaanebaz
मीडिया पार्टनर साभार (Syndicated) Nishaanebaz
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