वाहनों की बिक्री में गिरावट: जीएसटी सुधारों की आहट से प्रभावित हुआ ऑटोमोबाइल बाजार
भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देता है। लेकिन अगस्त माह में पैसेंजर वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी से लेकर टाटा मोटर्स तक सभी कंपनियां इस मंदी की मार झेल रही हैं। इतना ही नहीं, टू-व्हीलर कंपनियों की बिक्री भी घट गई है।
बिक्री में आई इस गिरावट के पीछे का मुख्य कारण गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में होने वाले संभावित सुधार बताए जा रहे हैं। यह अनुमान पहले ही लगाया गया था कि जीएसटी में बदलाव की घोषणा होते ही उपभोक्ता खरीदारी को टाल देंगे, जिससे बिक्री प्रभावित होगी।
देशभर के 15,000 से ज्यादा डीलर्स का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने सरकार को पहले ही आगाह कर दिया था कि अगर जीएसटी रेट स्लैब में बदलाव किए जाते हैं तो इस साल की त्योहारी बिक्री पर गहरा असर पड़ेगा। त्योहारी सीजन में आमतौर पर वाहन बिक्री में तेजी आती है, लेकिन इस बार इसकी गति धीमी पड़ने की संभावना है।
FADA ने सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि जीएसटी से वाहनों की कीमतों में होने वाली संभावित कटौती के चलते ग्राहक इंतजार करेंगे और तत्काल खरीदारी नहीं करेंगे। इसका नतीजा यह हुआ कि कंपनियों की डीलरशिप पर खड़ा स्टॉक बढ़ता जा रहा है और बिक्री में गिरावट का असर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।
इस प्रकार, जीएसटी सुधारों की आहट ने ऑटोमोबाइल उद्योग की गति को धीमा कर दिया है। अगर सरकार समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाती है तो आने वाले दिनों में वाहन बाजार की स्थिति और गंभीर हो सकती है।




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