छत्तीसगढ़ मा जमीन-मकान अउ बिल्डिंग बनाए के नियम में बड़का बदलाव
chhattisgarh bhumi vikas niyam 2026 : रायपुर, 17 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ मा अब जमीन खरीदे, मकान बनाए या कोनो बड़े कॉम्प्लेक्स खड़ा करे ले पहिली नवा नियम मन ला समझना बहुत जरूरी हो गे हे। राज्य सरकार ह 42 साल पुराना छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 मा बहुत बड़े बदलाव कर दे हे। आवास अउ पर्यावरण विभाग कोति ले एकर नवा अधिसूचना (नोटिफिकेशन) घलो जारी कर दिए गे हे। अब कउन से जमीन मा का बनही, बिल्डिंग कतका ऊंचा होही अउ कतका जगह खाली छोड़ना पड़ही, ए सबो गोठ ला नवा नियम मा तय कर दिए गे हे। मतलब अब कोनो घलो अपन मनमर्जी से जइसन-तइसन निर्माण नहीं कर पाए।
हर जमीन के होही अलग पहिचान अउ अलग कोडिंग
सरकार ह पहिली बार जमीन के उपयोग ला लेके पूरा ब्यौरा तैयार करे हे अउ ओकर अलग-अलग वर्गीकरण करे हे। अब आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, कृषि, परिवहन, सार्वजनिक उपयोगिता अउ मनोरंजन क्षेत्र ला अलग-अलग श्रेणी मा बांटे गे हे। हर श्रेणी बर अलग कोड अउ ओकर भीतर होएइया गतिविधि मन ला तय कर दिए गे हे। अब जो जमीन जेकर बर तय होही, ओमा ओही किसम के निर्माण करे के अनुमति मिलही। सरकार के ए कदम ले अवैध निर्माण अउ जमीन के लड़ाई-कचहरी ऊपर रोक लगाए मा मदद मिलही।
गलत जगह मा गलत निर्माण करे मा होही सीधा कार्रवाई
नवा गाइडलाइन मा सबले बड़े बदलाव ‘नेगेटिव लिस्ट’ के आय। सरकार ह अब साफ कर दे हे कि कउन से जमीन मा का चीज नहीं बन सके। रिहायशी यानी रहे वाले इलाका मा अब भारी उद्योग, बड़े कमर्शियल हब, बड़े अस्पताल या कचरा प्रबंधन प्लांट नहीं बनाए जा सके। ओही तरीके ले व्यावसायिक क्षेत्र मा सामान्य आवासीय कॉलोनी अउ भारी औद्योगिक काम मन ऊपर रोक रही। कृषि यानी खेती-खार के जमीन मा घलो बड़े निर्माण अउ उद्योग मन ला सीमित कर दिए गे हे।
ऊंच बिल्डिंग बनाए बर अब छोड़ना पड़ही जादा खाली जगह
सरकार ह बहुमंजिला इमारतों बर सेटबैक यानी आस-पास जगह छोड़े के नियम ला अउ कड़ा कर दे हे। अब बिल्डिंग कतका ऊंच होही, ओकर चारों कोति अतका ही जादा खुली जगह छोड़ना अनिवार्य होही। बिल्डिंग के आगू, पाछू अउ दूनो डहर कतका दूरी होना चाहिए, ए नियम से तय होही। एकर असल मकसद आगि लगे के समय सुरक्षा, हवा-उजाला अउ कोनो आफत के समय राहत काम ला अराम से करना आय। छोटे प्लॉट वाले लोगन ला अब अपन घर के नक्शा पास करवाए के समय जादा सावधानी रखना पड़ही।
उद्योग मन बर घलो रंग के हिसाब से बंटीस नियम
नवा नीति मा कारखाना अउ उद्योग मन के वर्गीकरण ला घलो बदल दिए गे हे। अब उद्योग मन ला व्हाइट, ग्रीन, ऑरेंज, रेड अउ ब्लू श्रेणी मा बांटे गे हे। ए सबो मा पर्यावरण संरक्षण मंडल के नियम लागू होहीं। एकर संग ही स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, मैरिज हॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, मॉल अउ ट्रांसपोर्ट नगर बर घलो अलग-अलग मानक तय करे गे हे, जेकर से आने वाला समय मा अनुमति मिले के तरीका एकदम साफ हो जाही।
बिल्डर के संग आम जनता ऊपर घलो पड़ही एकर सीधा असर
सरकार के दावा हे कि ए नवा नियम से रियल एस्टेट के कारोबार मा पारदर्शिता आही अउ अवैध कॉलोनी अउ गलत लैंड यूज ऊपर रोक लगही। लेकिन एकर सीधा असर आम मनखे ऊपर घलो पड़ही। अब घर बनाए ले पहिली प्लॉट के लैंड यूज अउ दूरी के मानक ला जांचना बहुत जरूरी होही, नहीं तो नियम के खिलाफ बने मकान ला अवैध मानके सरकार ह ओकर ऊपर कार्रवाई कर सकत हे। आवास अउ पर्यावरण विभाग के ए नवा नियम राजपत्र मा छपते ही पूरा छत्तीसगढ़ मा लागू हो गे हे।



