होम Chhattisgarh बीजापुर के डॉक्टर मन देखाइन कमाल: केला पाना में सुता के दुर्लभ बीमारी ले जूझत लइका ला दीन नवा जिनगी
Chhattisgarh

बीजापुर के डॉक्टर मन देखाइन कमाल: केला पाना में सुता के दुर्लभ बीमारी ले जूझत लइका ला दीन नवा जिनगी

WhatsApp Facebook
बीजापुर के डॉक्टर मन देखाइन कमाल: केला पाना में सुता के दुर्लभ बीमारी ले जूझत लइका ला दीन नवा जिनगी

For latest updates, join our official groups:

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Bijapur News : बीजापुर। बीजापुर के जिला अस्पताल ले एक अचरज भरे खबर आगू आय हावे। इहां के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (SNCU) में एक दुर्लभ अउ गंभीर बीमारी ले जूझत नवा जनमे लइका ला 25 दिन तक केला के स्टरलाइज पाना (पत्ता) में सुता के ओकर सफल इलाज करे गे हावे।

उसूर ब्लॉक के कोरसागुड़ा गांव के रहइया शांति मोटू पूनेम के लइका ला 4 अप्रैल के गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराय गे रहिस। जांच में पता चलिस कि लइका ला ‘Staphylococcal Scalded Skin Syndrome’ नाम के एक दुर्लभ बीमारी हे। ए बीमारी में लइका के चमड़ी ह जरे कस छिलय लगथे अउ संक्रमण बहुत तेजी ले फैलथे।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा चव्हाण अउ ओकर टीम ह 25 दिन तक लइका के विशेष देखरेख करिन। लइका के नाजुक चमड़ी ला रगड़ अउ बाहरी इन्फेक्शन ले बचाय बर एक अनोखा तरीका अपनाय गिस। लइका ला बिस्तर में केला के साफ अउ स्टरलाइज करे गे पाना मन में सुताय गिस। ए पाना मन ला रोज बदले जाय, जेकर से लइका ला मुलायम सतह मिलिस अउ ओकर घाव ह जल्दी भरिस।

डॉ. नेहा चव्हाण ह बताइन कि ये मामला बहुत ‘रेयर’ रहिस, जेमा लइका के जान घलो जा सकत रहिस। सही समय में अस्पताल लाय के सेती एंटीबायोटिक थेरेपी अउ केला पाना के ड्रेसिंग ले लइका अब पूरी तरह ले स्वस्थ हे।

लइका के दाई-ददा ह डॉक्टर मन ला धन्यवाद देवत कहिन कि ओमन ह अपन लइका के आस छोड़ दे रहिन, फेर अस्पताल के टीम ह चमत्कार कर दिस। सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर ह घलो डॉक्टर मन के सराहना करिन अउ कहिन कि जिला अस्पताल में अइसन पहली मामला आय रहिस, जेमा टीम ला सफलता मिलीस।

🔴
OneCG एक्सक्लूसिव रिपोर्ट OneChhattisgarh.Com
दोस्तों के साथ साझा करें
Editor
लेखकEditor
📰 सम्बन्धित समाचार

यह भी पढ़ें (सम्बंधित ख़बरे)