High Court News: बिना बताए घर छोड़ के दूसर आदमी संग रहना ‘परित्याग’, पत्नी ला नई मिलय गुजारा भत्ता: हाईकोर्ट
Chhattisgarh High Court : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ह भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) ला लेके एक बड़े फैसला सुनावत कहिस हे कि यदि कोनो पत्नी बिना कोनो ठोस कारण के अपन लइका अउ पति ला छोड़ के जाथे, अउ ककरो दूसर मनखे संग समय बिताथे, त ओहा गुजारा भत्ता पाय के हकदार नई राहय। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के सिंगल बेंच ह निचली अदालत के फैसला ला बरकरार रखत ए टिप्पणी करिस।
का रहिस हे पूरा मामला? भिलाई के रहने वाली एक महिला ह अपन पति के खिलाफ गुजारा भत्ता बर अर्जी लगाय रहिस। पत्नी के कहना रहिस कि ओहा प्रतियोगी परीक्षा के तैयारी बर पति के मर्जी ले दिल्ली गे रहिस। ओकर दावा रहिस कि पति के हर महीना 3 लाख रुपिया कमाई हे, एखर सेती ओला 1 लाख रुपिया महिना गुजारा भत्ता दिये जाय।
पति ह खोलिस पोल पति ह कोर्ट म बताइस कि 11 नवंबर 2022 के ओकर पत्नी बिना बताए घर के गहना, कागजात अउ अपन दो छोटे लइका मन ला छोड़ के भाग गे रहिस। पति ह एखर रिपोर्ट घलो दर्ज कराय रहिस। बाद म पता चलिस कि ओहा एक दूसर मनखे अउ अपन बहिनी संग फ्लाइट म दिल्ली गे रहिस अउ उहाँ 10-11 दिन रुकी रहिस। दुर्ग के फैमिली कोर्ट ह सबूत देख के पत्नी के मांग ला खारिज कर दे रहिस, जेकर बाद महिला ह हाईकोर्ट म अपील करे रहिस।
हाईकोर्ट के सख़्त टिप्पणी हाईकोर्ट ह मामला के सुनवाई करत कहिस कि बिना कोनो वाजिब कारण के पति अउ लइका मन ला छोड़ना अउ दूसर मनखे संग बाहर रहना ‘स्वैच्छिक परित्याग’ (अपन मर्जी ले छोड़ना) आय। सीआरपीसी (CrPC) के धारा 125(4) के तहत अइसन स्थिति म पत्नी ला भरण-पोषण के पईसा नई दिये जा सकय। हाईकोर्ट ह महिला के याचिका ला खारिज कर दीस।